
गोरखपुर। मुख्यमंत्री के जिले के नई बाजार में हुई व्यापारी की गोली मारकर हत्या प्रकरण में पुलिस के हाथ अभी तक मुख्य अभियुक्त नहीं लग सका है। पुलिस ने आरोपी मनीष यादव और उसके भाई संदीप यादव पर पंद्रह हजार से इनाम बढ़ाकर अब पचास हजार रुपये कर दिए हैं।
हालांकि, पुलिस अभी तक इस नतीजे पर भी नहीं पहुंच सकी है कि व्यापारी की हत्या रंगदारी नहीं देने पर की गई है या किसी पुरानी रंजिश में। फिलहाल पुलिस अपना सारा ध्यान मुख्य अभियुक्त को पकड़ने में दे रही। उधर, मुख्यमंत्री द्वारा पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। एसएसपी सत्यार्थ अनिरूद्ध पंकज ने एसओ झंगहा और नई बाजार के चैकी इंचार्ज को हटा दिया है।
रविवार को झंगहा थानाक्षेत्र के नई बाजार में हुई थी व्यापारी की हत्या
झंगहा थानाक्षेत्र के नई बाजार में दिनेश हार्डवेयर की दुकान थी। रविवार की दोपहर में अचानक से असलहाधारी बदमाशों ने उनकी दुकान पर धावा बोल दिया। जबतक दिनेश कुछ समझते बदमाशों ने ताबड़तोड़ कई गोलियां बरसा दी। गोली मारने के बाद बदमाश असलहा लहराते हुए भाग निकले। गोली की आवाज सुनकर आसपास के व्यापारी जब पहुंचे तो दिनेश खून से लतपथ वहीं तड़प रहे थे।
आनन फानन में लोगों ने व्यापारी को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। लेकिन उनको बचाया नहीं जा सका। देर शाम को पुलिस द्वारा बताया गया कि दिनेश की हत्या पुरानी रंजिश में की गई है। राघोपट्टी के ही मनीष यादव, संदीप यादव, गणेश व मुन्ना दुकान में पहुंचे और असलहे से गोली मार दी। एसएसपी के मीडिया सेल द्वारा जारी बयान में बताया गया है कि इस प्रकरण में चार नामजद अभियुक्तों पर आईपीसी 302/34 व 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। दो नामजद अभियुक्तों को हिरासत में भी लिया गया था। अभियुक्त मनीष यादव पर एसएसपी ने 15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। लेकिन दोनों आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। बुधवार को आईजी मोहित अग्रवाल ने आरोपी मनीष यादव व उसके भाई संदीप यादव पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया।