गोरखपुर में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट भवन में जोरों से काम चल रहा है, इसी बीच रास्ते को रोकने पर अधिवक्ताओं और ठेकेदार के बीच विवाद और मारपीट हो गया ।
गोरखपुर में इन दिनों नए कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण चल रहा है, सीएम का यह ड्रीम प्रोजेक्ट भी है। एक अगस्त को यहां काम कर रहे ठेकेदार और कलेक्ट्रेट के अधिवक्ताओं के बीच जमकर विवाद हो गया, इस दौरान अधिवक्ताओं पर हमला भी किया गया। इसके बाद से ही केस दर्ज करने के लिए अधिवक्ता प्रदर्शन कर रहे थे। मारपीट व हंगामे के मामले में कैंट पुलिस ने मंगलवार को केस दर्ज कर लिया।
जिला अधिवक्ता एसोसिएशन के महामंत्री चंद्र प्रकाश मिश्रा की तहरीर पर जानलेवा हमले, धमकी, लूट समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इसमें कार्यदायी संस्था वेनसा इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के ठेकेदार आला वीरा बैंकटा नारायण, सचिन यादव और 50 अन्य मजदूरों को आरोपी बनाया गया है।
महामंत्री चंद्र प्रकाश मिश्रा ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि कार्यदायी संस्था वेनसा इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कलक्ट्रेट की नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। आरोप है कि निर्माण कार्य में लगे कर्मचारियों ने बीते 1 अगस्त को रजिस्ट्री कार्यालय तक आने-जाने के रास्ते को जबरन बंद कर दिया गया।आरोप है कि अधिवक्ताओं ने इसका विरोध किया तो वेनसा इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के ठेकेदार आला वीरा बैंकटा नारायण, सचिन यादव ने अपने 50 अन्य मजदूरों के साथ जानलेवा हमला कर दिया। उस दौरान मजदूरों के हाथ में लोहे के रॉड और सचिन यादव के हाथ में रिवाल्वर था।
महामंत्री ने बताया कि कार्यदायी संस्था की ओर से हाल ही में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, उपसंचालक चकबंदी, सीआरओ न्यायालय व राजस्व अभिलेखागार और रजिस्ट्री कार्यालय आने-जाने के रास्ते को जबरन बंद कर दिया था। इस संबंध में जिला अधिवक्ता एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने बीते 19 जुलाई को जिलाधिकारी को पत्र देकर रास्ता खुलवाने की मांग की थी।
इस पर जिला प्रशासन की ओर से अपर जिलाधिकारी नगर को रास्ता खुलवाने के लिए अधिकृत किया गया था। अपर जिलाधिकारी नगर ने 20 व 23 जुलाई को मौका मुआयना करके रास्ता खुलवा दिया था। इसके बाद भी संस्था की ओर से दोबारा रास्ता बंद कर दिया गया था। इस संबंध में एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि एसोसिएशन के महामंत्री की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।