गोरखपुर उपचुनाव में प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने डाला डेरा
गोरखपुर। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने गोरखपुर और फूलपुर में कांग्रेस प्रत्याशियों के मैदान में हटने की खबर को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी किसी के भी समर्थन में मैदान नहीं छोड़ने जा रहे। यह सिर्फ अफवाह है जो विरोधी ताकतें फैला रही हैं।
गोरखपुर उपचुनाव में प्रचार करने पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि हम जीत के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हमारा गठबंधन सिर्फ जनता से होगा। एक हाथ ले और एक हाथ से दे के नारे के साथ गठबंधन नहीं होगा।
उन्होंने कांग्रेस और सपा से हुए गठबंधन के सवाल पर कहा कि विधानसभा में कांग्रेस-सपा गठबंधन विचार और मकसद केलिए था न कि स्वार्थ केलिए। उन्होंने कहा कि हम इस चुनाव में जनता की खुशहाली के लिए मैदान में आए हैं।
1989 से कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश
गठबंधन की राजनीति में बीजेपी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए राजबब्बर ने कहा कि 1989 में कांग्रेस को हराने के लिए सबसे पहले गठबंधन हुआ था। याद रखिए जब जब कांग्रेस कमजोर हुई देश का गरीब कमजोर हुआ है। देश का ताना बाना कमजोर हुआ है। उन्होंने बसपा की ओर इशारा करते हुए कहा कि 1993 में मिलकर सरकार बनाई थी लेकिन अलग होने के बाद भाजपा के साथ सरकार बनाई। उसी भाजपा के स्पीकर की मदद से उनकी पार्टी को तोड़ दिया गया। बीजेपी ऐसे लोगों की मदद कर तोड़ने का ही काम करती है।
राजबब्बर ने कहा कि गुजरात, तीन उपचुनाव में हमको जिस तरह बढ़त मिली है वह 2019 में और निर्णायक साबित होने वाला है। 2019 में जनता ही जवाब दे देगी।
मंदिर की गरिमा से डरता हूं, योगी से नहीं
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नहीं डरते। वह गोरखनाथ मंदिर की गरिमा से डरता हूं। एक धर्म संस्था से डरता हूं।
मूर्ति ढहाई जा सकती, विचारधारा समाप्त नहीं हो सकती
त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति को ढहाए जाने पर ऐतराज जताते हुए प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने कहा कि त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति ढहाए जाने की घटना बेहद निंदनीय है। किसी भी विचारधारा को आप समाप्त करने केलिए हिंसा का सहारा नहीं ले सकते। लेनिन की मूर्ति ढहाई जा सकती है लेकिन उनके विचार नहीं।
प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने कहा कि उनके हाथ में उस्तरा आ गया है। जो चाहे वह करें। लेकिन उनको सोचना चाहिए कि एक दिन दूसरे के हाथ में भी उस्तरा आएगा।