गोरखपुर

बीजेपी के सांसद पर डाॅ.कफील ने लगाया भाई पर जानलेवा हमला कराने का आरोप

गोरखपुर में डाॅ.कफील के भाई पर हुआ था हमला, तीन गोली मारी गई थी

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dr kafeel
बीजेपी के सांसद पर डाॅ.कफील ने लगाया भाई पर जानलेवा हमला कराने का आरोप

बीआरडी आक्सीजन कांड सेे चर्चित डाॅ.कफील खान ने अपने छोटे भाई कासिफ जमील को गोली मारने और हमला किए जाने की साजिश का आरोप बीजेपी के सांसद कमलेश पासवान पर लगाया है। उनका कहना है कि उनके मामा की करोड़ों की जमीन को हड़पने की नीयत से सांसद और उनके बिजनेस पार्टनर ने जानलेवा हमला कराया।
हालांकि, डाॅ.कफील के आरोपों को सांसद ने सिरे से खारिज करते हुए इसेे राजनैतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि पांच दिनों तक चुप रहने के बाद अचानक से उन पर बेबुनियाद आरोप लगाया गया है। पुलिस जांच में सब साफ हो जाएगा।
डाॅ.कफील खान के मुताबिक उनके भाई की सीधे तौर पर बीजेपी सांसद कमलेश पासवान से कोई दुश्मनी नहीं है। उनके मामा की रूस्तमपुर में पचास हजार स्कवायर फीट जमीन है जिसकी कीमत करोड़ों में है। इस बेशकीमती जमीन पर भाजपा सांसद कमलेश पासवान, उनके बिजनेस पार्टनर व बलदेव प्लाजा के मालिक सतीश नांगलिया की नजर है। ये लोग निकहत आरा और नोमान के साथ षडयंत्र कर बीते 18 फरवरी को जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया था। इस मामले में सांसद सहित 12 लोगों के खिलाफ नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर भी हुआ था। डाॅ.कफील ने बताया कि पहले तो इस मामले में पुलिस ने सक्रियता दिखाई लेकिन फिर राजनैतिक दबाव के चलते शांत हो गई। चूंकि, इस मामले की पैरवी उनके भाई कासिफ कर रहे थे इसलिए उन पर जानलेवा हमला कराया गया। उनका कहना है कि चूंकि, बीजेपी सांसद और मुख्यमंत्री के बीच बनती नहीं है इसलिए गोली गोरखनाथ से कुछ दूरी पर चलवायी गई ताकि सीएम योगी आदित्यनाथ की बदनामी हो। वारदात वाले दिन मुख्यमंत्री शहर में ही थे।
डाॅ.कफील का आरोप है कि सांसद के लोग लगातार जमीन को बेचने के लिए धमकियां देतेे रहे हैं। यही नहीं सांसद कमलेश पासवान और सतीश नांगलिया ने गोरखपुर शहर में अवैध रूप से तमाम जमीन पर कब्जा किया है और उस पर कामर्शियल भवन बनाए हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग भूमाफिया हैं और इनकी संपत्तियों की जांच होनी चाहिए।
डाॅ.कफील ने यह भी आरोप लगाया कि साजिश के तहत ही उनके भाई के इलाज में चार घंटे की देरी की गई। एसपी सिटी विनय कुमार सिंह और सीओ गोरखनाथ प्रवीण सिंह द्वारा घायल भाई के इलाज में मेडिकोलीगल के नाम पर चार घंटे देर कराया गया। इन अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और पुलिस एक्ट का उल्लंघन किया। उन्होंने मांग किया कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने हाईकोर्ट के किसी रिटायर्ड जज या सीबीआई से मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर उनके परिवार के साथ कोई भी अप्रिय दुर्घटना घटित होती है तो इसकी जिम्मेदार यूपी सरकार होगी।

Published on:
18 Jun 2018 07:44 am