गोरखपुर

भाई को गोली लगने के बाद बोलेेे डाॅ.कफिल- वह झुकने वालों में नहीं

मुख्यमंत्री के शहर में डाॅ.कफिल के भाई को गोली मारने का मामला

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डॉ. कफील खान

यूपी में हर मसले में सियासत हावी हो जाती है। रविवार को डाॅ.कफिल खान के भाई कासिफ जमील को गोली मारने की घटना के बाद इलाज में देरी की सियासी चाल के आरोप लगे। कासिफ के बड़े भाई समेत अन्य परिवारीजन ने आरोप लगाया कि कासिफ की हालत गंभीर होती जा रही थी लेकिन पुलिस मेडिकोलीगल के नाम पर कई घंटे सदर अस्पताल से मेडिकल काॅलेज तक घुमाती रही। अपराधियों की भांति फोर्स लगाकर एकबार मेडिकोलीगल होने के बाद दुबारा मेडिकल काॅलेज में मेडिको लीगल कराने का दबाव बनाया गया ताकि इलाज में देरी हो सके।
घायल के बड़े भाई आदिल समेत अन्य परिवारीजन के अनुसार पुलिस केस होने केे नाते घायल का सदर अस्पताल में मेडिकोलीगल कराया गया लेकिन इसके बावजूद बीआरडी मेडिकल काॅलेज में भी दुबारा मेडिकोलीगल पैनल के सामने कराने का दबाव बनाया जा रहा था। इसके लिए जबरिया मेडिकल काॅलेज ले जाया गया। घायल के बड़े भाई आदिले का आरोप था कि यह सब केवल परेशान करने के लिए किया गया। इनके अनुसार पुलिस की जबर्दस्ती की वजह से इलाज में कई घंटे की देरी हुई। बीआरडी मेडिकल काॅलेज प्रशासन ने एक बार मेडिको लीगल होने के बाद दुबारा करने से इनकार किया तो फिर पुलिस मानी। तब जाकर गले में फंसी गोली आॅपरेशन कर निकाली जा सकी।
उधर, डाॅ.कफिल ने वारदात के तुरंत बाद ही आरोप लगाया था कि आज मेरे भाई को जान से मारने की कोशिश की गई है। वह अस्पताल में है। मैं पहले ही कहा करता था कि वे लोग मुझे और मेरे परिवार को मारने का प्रयास करेंगे। उन्होंने ट्वीट भी किया कि अल्लाह रहम करें, मैं झुकने वालों में नहीं।


रविवार की देर रात में गोरखनाथ क्षेत्र में मारी गई थी गोली

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रविवार की देर रात में कासिफ को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी। अपराधियों के बेखौफ होने का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि वारदात जहां हुआ वहां से महज दो से ढाई किलोमीटर दूर सीएम का आवास है और रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ शहर में ही थे।
कासिफ बीआरडी मेडिकल काॅलेज में हुए आक्सीजन कांड से चर्चित डाॅ.कफिल खान के छोटे भाई हैं। वह बिजनेस करते हैं। कासिफ जमील रविवार की रात में गोरखनाथ क्षेत्र में अपने किसी मित्र से मिलने गए थे। देर रात में वह वापस बसंतपुर मुहल्ले में स्थित अपने घर बाइक से अकेले जा रहे थे। गोरखनाथ मंदिर से करीब ढाई किलोमीटर दूर गोरखनाथ पुल के करीब जेपी हास्पिटल के पास वह अभी पहुंचे थे कि दोपहिया पर सवार अज्ञात हमलावरों ने उनको ओवरटेक किया। अभी वह कुछ समझ पाते कि उनपर ताबड़तोड़ तीन फायर झोंक दिया। गोली कासिफ के दाहिने बांह में लगी। एक गोली उनके गले के पास जा धंसी। आसपास के लोगों की सहायता से जल्दी से उनको शहर के स्टार हास्पिटल में भर्ती कराया गया। वहां उनको मेडिकल सहायता दी गई।
उधर, घटना की सूचना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची। मामला पुलिस का होने की वजह से प्राथमिक इलाज के बाद उनको शहर के सदर अस्पताल में ले जाया गया। वहां मेडिको लीगल के बाद डाॅक्टर ने मेेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया। काफी चाक-चैबंद पुलिस व्यवस्था के बीच देर रात में पुलिस उनको लेकर मेडिकल काॅलेज पहुंचे। परिजन के अनुसार वहां भी दुबारा मेडिको लीगल कराने का दबाव बनाया गया। परिजन इलाज में देरी की साजिश इसको बता रहे थे। हालांकि, मेडिकल काॅलेज में पहुंचने के बाद जब डाॅक्टर्स ने दुबारा मेडिकोे लीगल करने से मना किया तो जाकर पुलिस मानी। फिर देर रात में ही घायल कासिफ को निजी अस्पताल लाया गया। जहां करीब दो बजे उनका सफल आॅपरेशन हो सका। गले में धंसी गोली निकाली गई। फिलहाल, कासिफ अस्पताल के आईसीयू में मेडिकल सुपरविजन में रखे गए हैं। उनकी हालत स्थिर है।

अज्ञात के खिलाफ हत्या की कोशिश का केस दर्ज

कासिफ जमील को गोली मारने के मामले में उनके बड़े भाई आदिल अहमद खान की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए वारदात वाली जगह के आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस ने सोमवार को परिवारीजन से दुबारा मुलाकात कर विस्तृत जानकारी ली। आदिल अहमद खान ने बताया कि सोमवार की दोपहर में पुलिस के साथ डाॅ.कफिल खान भी वारदात स्थल गए थेे ताकि विवेचक को आवश्यक जानकारी के लिए सहायता कर सकें। पुलिस इस हमले को प्रापर्टी के विवाद से भी जोड़कर देख रही है। हालांकि, परिवारीजन किसी प्रकार की दुश्मनी से इनकार कर रहे हैं। उधर, पुलिस का दावा है कि 48 घंटे के भीतर पूरे प्रकरण का पर्दाफाश हो जाएगा और अपराधी जेल में होंगे।

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Published on:
12 Jun 2018 02:10 am
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