गोरखपुर

गोरखपुर में अचानक गुजरने लगे फाइटर जेट, बजने लगे सायरन, बम गिरने की आशंका से सहम गए लोग

गोरखपुर के दिग्विजयनाथ पार्क तारामण्डल क्षेत्र में ब्लैकआउट / एयर रेड का अभ्यास एवं प्रदर्शन किया गया। नागरिक सुरक्षा के 62वें स्थापना दिवस के अवसर पर ब्लैकआउट मॉकड्रिल हुआ।एयरफोर्स गोरखपुर भी इसमें हिस्सा लिया, इस दौरान सभी विभागों का बेहतर सामंजस्य देखने को मिला।

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Dec 05, 2024

गोरखपुर में गुरुवार की शाम सर्किट हाउस क्षेत्र में शाम ढलते ही पूरे इलाके की बिजली गुल हो गई। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, नागरिक सुरक्षा के सायरन ने माहौल को गंभीर बना दिया। चारों ओर अलर्ट की आवाज गूंजने लगी और वार्डेन पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के ज़रिए लोगों को निर्देश देने लगे कि घरों में कोई भी रोशनी चालू न रखें।कुछ ही मिनटों में रामगढ़ ताल क्षेत्र के ऊपर से लड़ाकू विमानों की गरज सुनाई देने लगी।

सर्किट हाउस इलाके में युद्ध जैसी स्थिति, फाइटर जेट की आवाज से सहमे लोग

अचानक गुजरते फाइटर जेट की कान सुन्न कर देने वाली आवाज ने लोगों को किसी बड़े हमले की आशंका से भयभीत कर दिया। नागरिक सुरक्षा, फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम सर्किट हाउस, महंत दिग्विजयनाथ पार्क और एनेक्सी भवन की ओर दौड़ पड़ी। वहां "हमले" के बाद आग लगने और "घायलों" के होने की सूचना आई थी। हालांकि, यह सब एक योजनाबद्ध मॉकड्रिल का हिस्सा था।

मॉक ड्रिल में सभी विभागों का दिखा सामंजस्य

मॉकड्रिल का नेतृत्व उपनियंत्रक सत्य प्रकाश सिंह और चीफ वार्डेन डॉ. संजीव गुलाटी ने किया। चंपा देवी पार्क, एनेक्सी भवन और सर्किट हाउस से सायरन बजाकर हवाई हमले के संकेत दिए गए। इसके तुरंत बाद, नागरिक सुरक्षा की टीम, अग्निशमन दल और रेस्क्यू यूनिट सक्रिय हो गईं। उन्होंने हमले से "प्रभावित" क्षेत्रों का निरीक्षण किया और "घायल" लोगों को बचाने का काम किया।

आपातकालीन स्थितियों में तेयारियां हों मजबूत

करीब शाम 7 बजे मॉकड्रिल समाप्त हुई। सभी टीमों ने अपने कार्य की रिपोर्ट नियंत्रण कक्ष को सौंपी। गृह मंत्रालय, भारत सरकार से आए मुख्य अतिथि एडीजी उमेश शर्मा ने एनेक्सी भवन में अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने इस मॉकड्रिल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे अभ्यास आपातकालीन स्थितियों में हमारी तैयारियों को और मजबूत बनाते हैं।

इनकी रही भागीदारी

कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ सहायक उपनियंत्रक वेद प्रकाश यादव और सहायक उपनियंत्रक नीरज श्रीवास्तव ने किया। उपस्थित प्रमुख अधिकारियों में चीफ वार्डेन डॉ. संजीव गुलाटी, डिप्टी चीफ वार्डेन डॉ. शरद श्रीवास्तव, चीफ फायर अफसर जसवीर सिंह और अन्य शामिल थे। इसके अलावा, डिवीजनल और पोस्ट वार्डेन समेत कई स्वयंसेवकों ने भी इस अभ्यास में भाग लिया।

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