गोरखपुर

गोरखपुर में GAIL परिसर भी नो फ्लाई जोन घोषित, एंटी ड्रोन सिस्टम रहेगा एक्टिव

गोरखपुर में गैस एथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL) प्लांट के ऊपर का एयर स्पेस अब ड्रोन उड़ाने के लिए नो-फ्लाइ जोन घोषित कर दिया गया है। इसका उल्लंघन करने पर न सिर्फ ड्रोन को मार गिराया जाएगा, बल्कि ड्रोन उड़ाने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

less than 1 minute read
Jul 25, 2024

गोरखपुर में गेल (गैस एथार्टी ऑफ इंडिया लिमिटेड) का स्थान अब ड्रोन के लिए नो फ्लाइ जोन घोषित कर दिया गया है। गेल के संयत्र के ऊपर से कोई ड्रोन नहीं उड़ाया जा सकता है।ऐसा कोई करता है तो एंटी ड्रोन से न सिर्फ ड्रोन को मार गिराएगा बल्कि ड्रोन उड़ाने वाला भी कानूनी कार्रवाई की जद में आ जाएगा। शासन ने जारी निर्देश के बाद एसपी नार्थ ने गीडा और खजनी सर्किल में स्थित गेल संयत्र को लेकर वहां के थानेदारों को निर्देश जारी किया है।

गोरखनाथ मंदिर, बुद्ध निर्वाण स्थली पहले ही नो फ्लाइंग जोन

जमीन की तरह आसमान में भी एरिया निर्धारित किया जाता है। यह तय किया जाता है कि किस एरिया में जमीन के साथ ही आसमान में भी घुसपैठ को प्रतिबंधित रखना है। वर्तमान समय ड्रोन से आसमान के प्रतिबंधित एरिया में घुसपैठ किया जा सकता है ऐसे में आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरे की आशंका को देखते हुए कुछ महत्वपूर्ण स्थलों को ड्रोन के लिए रेड जोन यानी नो फ्लाइ जोन घोषित किया गया है।गोरखपुर मंडल में गोरखनाथ मंदिर परिसर और बुद्ध की निर्वाणस्थली को शासन ने पहले ही ड्रोन के लिए रेड जोन घोषित किया था। यहां सेटलाइट फेनीसिंग भी लगाने की तैयारी है जिससे अगर कोई ड्रोन उड़ाए तो भी वह काम न करे। वहीं एयरपोर्ट का इलाका पहले से ही रेड जोन में रखा गया है।

SP नॉर्थ बोले

सेटलाइट फेनीसिंग भी यहां लगाया गया है। इसके अलावा अब गेल के स्पेश को भी रेड जोन घोषित कर दिया गया है। इस इलाके में कोई भी ड्रोन नहीं उड़ा पाएगा। पुलिस अधीक्षक उत्तरी जितेन्द्र कुमार श्रीवातव ने बताया कि शासन का पत्र मिलने के बाद थानेदारों को निर्देशित कर दिया गया है। अगर गेल संयत्र के ऊपरी हिस्से में ड्रोन उड़ता मिलेगा तो उड़ाने वाले पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

Updated on:
25 Jul 2024 04:03 pm
Published on:
25 Jul 2024 01:29 pm
Also Read
View All

अगली खबर