गोरखपुर एयरपोर्ट जल्द ही लखनऊ और वाराणसी एयरपोर्ट की बराबरी कर लेगा।मंगलवार को एयरपोर्ट पर जिला प्रशासन, एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया एवं एयरफोर्स के बीएच MOU साइन किया गया है। अब यहां टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। माना जा रहा है कि अगले 4 सालों में नया टर्मिनल भवन बनकर तैयार हो जाएगा।
गोरखपुर एयरपोर्ट जल्द ही नया आकर ले लेगा। 42 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले अत्याधुनिक एयरपोर्ट को पर्यावरण मंत्रालय से हरी झंडी पहले ही मिल चुकी है। 1172 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए एयरपोर्ट का शिलान्यास जल्द होने की संभावना अब बढ़ गई है।
प्रस्तावित ले आउट के अनुसार टर्मिनल बिल्डिंग 13 एकड़ में बनाई जाएगी। इससे यहां एक घंटे में दो से ढाई हजार यात्री आसानी से आना-जाना कर सकेंगे।गोरखपुर एयरपोर्ट के विस्तार की लंबी कवायद के बाद एयरफोर्स, एयरपोर्ट अथॉरिटी और प्रदेश सरकार के बीच 42 एकड़ पर एयरपोर्ट विस्तार को लेकर करार (MOU) हो गया।
अधिकारियों के मुताबिक, नए एयरपोर्ट पर मुम्बई, दिल्ली और लखनऊ की तरह मल्टी टर्मिनल रहेंगे, जबकि अभी महज एक ही टर्मिनल है। नए एयरपोर्ट की शहर से दूरी करीब एक किलोमीटर कम हो जाएगी। यहां तक जाने के लिए नंदानगर के पास से अंदर जाना होगा।
एयरपोर्ट विस्तार के बाद यहां एक बार में 10 जहाज पार्क करने की तैयारी है। इसका विस्तार तीन तरफ से किया जाएगा, जिससे एक साथ 1500 यात्री चेकइन या चेक-आउट कर सकें। गोरखपुर एयरपोर्ट से विमान जल्द ही 24 घंटे उड़ान भर सकेंगे। इस सुविधा से उड़ानों की संख्या बढ़ जाएगी। वर्तमान में रात 9 बजे तक ही उड़ान की मंजूरी है। ऐसे में विमानों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। गोरखपुर एयरपोर्ट लखनऊ और वाराणसी एयरपोर्ट की बराबरी कर सकेगा। एयरपोर्ट पर खुद का DVOR एक्टिव हो जाने से यह संभव होगा।