गोरखपुर एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नागरिक विमानन सुरक्षा ब्यूरो ने नए निर्देश जारी किए हैं। एयरपोर्ट निदेशक ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षा संबंधी निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी। प्रत्येक विभाग को संभावित आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की रणनीति समझाई गई।
"ऑपरेशन सिंदूर" के बीच भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे अघोषित युद्ध के बीच गोरखपुर एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट है। इन महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा को लेकर मॉकड्रिल किया गया है। इधर विमानन मंत्रालय ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टियां अगले आदेश तक निरस्त कर दी हैं।निर्देश दिए गए हैं कि सभी अधिकारी व कर्मचारी अलर्ट मोड पर रहें। जरूरत पड़ने पर उन्हें कभी भी एयरपोर्ट पर बुलाया जा सकता है। शुक्रवार से सभी तरह के वाहनों का प्रवेश एयरपोर्ट पर प्रतिबंधित कर दिया गया है।
एयरपोर्ट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को ब्रीफिंग की गई है। हवाई अड्डा विशेष सुरक्षा कमेटी की मीटिंग में सभी सुरक्षा कर्मियों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। दो दिन पहले सुरक्षा के लिहाज से सुरक्षा कर्मियों ने एयरपोर्ट पर मॉकड्रिल किया है।यहां पूरी तरह से ब्लैक आउट भी किया गया था। एयर स्ट्राइक से बचाव का मॉकड्रिल भी यहां किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट पर सभी को अलर्ट मोड पर रखा गया है।इधर एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में कमी भी देखी जा रही है। यात्रियों को कम से कम 3 घंटे पहले की चेक इन के लिए आने को कहा गया है।
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर भी हाई अलर्ट घोषित है, आरपीएफ, जीआरपी, जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने प्लेटफार्मों व ट्रेनों में जांच की। वेटिंग एरिया, खाली रहने वाले क्षेत्र और संवेदनशील माने जाने वाले स्थानों पर जांच की गई। हर जगह सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। हर संदिग्ध वस्तु की जांच की जा रही है। रेल पटरियों की भी लगातार निगरानी की जा रही है। इसके लिए RPF और GRP लगातार सिविल पुलिस से तारतम्य बनाई हुई है।
एयरपोर्ट निदेशक आरके पाराशर ने कहा कि अब सुरक्षा केवल एक दायित्व नहीं बल्कि सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, बीसीएएस के निर्देशों के अनुसार हमारी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भूमिका स्पष्ट रूप से समझनी होगी।