गोरखपुर

गोरखपुर में IIT इंजीनियर की मौत, 4 दिन बाद फ्लैट से मिला शव, अमेरिका में रहता है भाई

Uttar Pradesh News: गोरखपुर में IIT इंजीनियर अभिषेक त्रिपाठी का शव फ्लैट में मिला। परिवार के मुताबिक, चार साल पहले नौकरी छूटने के बाद वह डिप्रेशन का शिकार हो गए थे। वह अकेले रहते थे और 3-4 दिन से बाहर नहीं निकले थे।
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Sep 12, 2026
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प्रतीकात्मक तस्वीर। फोटो सोर्स- पत्रिका

Gorakhpur IIT Engineer DeathCase:गोरखपुर में IIT इंजीनियर अभिषेक त्रिपाठी (45) का शव उनके फ्लैट में मिला है। वह अकेले रहते थे और करीब 3 से 4 दिन से फ्लैट से बाहर नहीं निकले थे। शुक्रवार को फ्लैट से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर गई तो देखा कि अभिषेक का शव सोफे पर पड़ा है। पुलिस के मुताबिक, मौत की वजह अभी साफ नहीं हुई है। अभिषेक की शादी नहीं हुई थी और करीब चार साल पहले उनकी नौकरी छूट गई थी। उनका छोटा भाई अमेरिका में रहता है।

दरवाजा अंदर से बंद था, कमरे में सामान बिखरा मिला

मामला सहारा एस्टेट के मल्हार अपार्टमेंट का है। सीओ कीर्ति निधि आनंद ने बताया कि अभिषेक 3-4 दिन से फ्लैट से बाहर नहीं निकले थे। दरवाजा अंदर से बंद था। मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। कमरे का सामान बिखरा मिला। मोबाइल लॉक है, उसे खुलवाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस मौत की वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दूसरे साक्ष्यों की जांच कर रही है। अभिषेक का मोबाइल भी लॉक है, जिसे खुलवाने की कोशिश की जा रही है।

4 साल पहले छूटी नौकरी, डिप्रेशन का शिकार हुआ अभिषेक- परिवार

अभिषेक के परिवार ने बताया उसने IIT से इंजीनियरिंग की थी और नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी की। कोरोना काल में वर्क फ्रॉम होम के चलते वह गोरखपुर आ गए थे। करीब चार साल पहले नौकरी छूट गई। इसके बाद वह परेशान रहने लगे और धीरे-धीरे डिप्रेशन में चले गए। बहन गुड़िया उर्फ अर्चना ने बताया कि परिवार ने लखनऊ में उनका इलाज भी कराया था, लेकिन परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई।

बीमारी के बाद लोगों से दूरी बढ़ी- बहन

अभिषेक कि बहन ने बताया कि बीमारी के कारण अभिषेक के व्यवहार में बदलाव आया था। वह कभी-कभी लोगों से अभद्र भाषा में बात कर देते थे। इसका असर उनके रिश्तों पर भी पड़ा और रिश्तेदारों तथा परिचितों का आना-जाना कम हो गया। अभिषेक का छोटा भाई अंबरीष अमेरिका में IT इंजीनियर है। वह अभिषेक को पैसे भेजता था और इसी से उनका खर्च चलता था। दोनों भाई-बहन समय-समय पर उनसे मिलने भी आते थे।

पड़ोसियों ने बदबू आने पर दी सूचना

पड़ोसियों ने बताया कि अभिषेक ज्यादातर कमरे में ही रहते थे और लोगों से ज्यादा बात नहीं करते थे। पिछले 3-4 दिनों से वह दिखाई नहीं दिए थे। शुक्रवार को फ्लैट से बदबू आने के बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर गई, जहां सोफे पर अभिषेक का शव मिला।

माता-पिता की पहली हो मौत चुकी

अभिषेक के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। उनके पिता सभा त्रिपाठी सिंचाई विभाग में एक्सईएन पद से रिटायर्ड थे। परिवार मूल रूप से कुशीनगर के महासोन गांव का रहने वाला है, लेकिन पिता की नौकरी गोरखपुर में होने के कारण बच्चों की पढ़ाई-लिखाई यहीं हुई।

अभिषेक के बड़े भाई आशुतोष बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सुरक्षा गार्ड थे। उनकी 2014 में चेन्नई में बीमारी के कारण मौत हो गई थी। बहन गुड़िया अपने पति के साथ गोरखपुर में रहती हैं। अभिषेक की मौत की जानकारी मिलने के बाद छोटा भाई अंबरीष अमेरिका से गोरखपुर के लिए रवाना हो गया है। उसके आने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। फिलहाल पोस्टमार्टम में भी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

Updated on:
12 Sept 2026 03:15 pm
Published on:
12 Sept 2026 03:15 pm