
अलीगढ़ में ब्लैकमेलिंग का केस। फोटो सोर्स-X (@ArunAzadchahal)
AMU Blackmailing Case: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के विकारुल मुल्क (VM) हॉल में युवकों को मुलाकात के बहाने बुलाकर आपत्तिजनक वीडियो बनाने और फिर उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे वसूलने के कथित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह करीब 6 महीने से डेटिंग Apps के जरिए युवकों को निशाना बना रहा था। मामले में पुलिस ने AMU के BBA छात्र को गिरफ्तार किया है। वहीं, उसके 3 साथियों के अलावा एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी चर्चित डेटिंग ऐप के जरिए युवकों से संपर्क करते थे। ये Apps जियो-लोकेशन आधारित हैं। आरोप है कि गिरोह करीब 50 किलोमीटर के दायरे में लोगों को तलाशकर उनसे दोस्ती करता था। इसके बाद युवकों को मिलने के बहाने AMU के VM हॉल में बुलाया जाता था। पुलिस का कहना है कि वहां पहले से मौजूद आरोपी उन्हें कमरे में रोक लेते थे और कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो बना लेते थे। बाद में वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे पैसे की मांग की जाती थी।
मामला उस समय सामने आया, जब AMU में MTS के पद पर कार्यरत एक कर्मचारी के 19 साल के बेटे ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी पुलिस को दी। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने पीड़ित की पहचान सार्वजनिक ना करने की अपील की है। पीड़ित के मुताबिक, 17 अगस्त की शाम करीब 5:30 बजे चर्चित डेटिंग ऐप के जरिए उससे संपर्क किया गया। उसे मिलने के बहाने VM हॉल के एक कमरे में बुलाया गया, जहां पहले से कुछ लोग मौजूद थे।
आरोप है कि कमरे में पहुंचने के बाद उसे जबरन रोक लिया गया और उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाया गया और उसे वायरल करने की धमकी देकर कथित तौर पर ब्लैकमेल किया जाने लगा।
पीड़ित के मुताबिक, आरोपी कई दिनों तक उसे धमकाकर पैसे लेते रहे। एक दिन उसके पास से कथित तौर पर 5,600 रुपये भी छीन लिए गए। पीड़ित का दावा है कि इस तरह आरोपी उससे कुल 25 हजार रुपये वसूल चुके थे। जब उसके पिता को बेटे की गतिविधियों को लेकर शक हुआ तो उन्होंने उससे सख्ती से पूछताछ की। इसके बाद बेटे ने पूरी घटना उन्हें बताई।
पीड़ित ने अपने पिता को बताया कि आरोपियों के पास उसका एक और वीडियो है। आरोप है कि इस वीडियो में उससे यह कहलवाया गया कि उसके साथ किसी ने कोई गलत काम नहीं किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर ऐसा इसलिए किया ताकि भविष्य में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की स्थिति में बचाव किया जा सके। बेटे से पूरी घटना सुनने के बाद उसके पिता ने पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद शुक्रवार को सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने साइबर सेल को भी जांच में शामिल करते हुए एक टीम गठित की।
पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो यह मामला सिर्फ एक युवक तक सीमित नहीं मिला। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि इसी तरीके से कई अन्य लोगों को भी निशाना बनाया गया था। पुलिस के मुताबिक, अब तक करीब 25 अन्य लोगों से सात लाख रुपये वसूले जाने की जानकारी सामने आई है। एक अन्य पीड़ित से 60 हजार रुपयेलिए जाने की भी पुष्टि होने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता 26वां पीड़ित था। उसके पिता को शक होने के बाद कथित गिरोह का मामला सामने आया।
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए BBA छात्र के मोबाइल फोन की जांच की। पुलिस के मुताबिक, फोन में करीब15 अन्य आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं।अब पुलिस इन वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान करने और उनसे संपर्क करने का प्रयास कर रही है। जांच का एक उद्देश्य यह पता लगाना भी है कि इनमें से कितने लोग कथित तौर पर इसी गिरोह के शिकार हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, BBA छात्र पिछले करीब 6 महीने से चर्चित डेटिंग ऐप्स के जरिए लोगों से संपर्क कर रहा था। आरोप है कि बातचीत के बाद युवकों को मिलने के बहाने VM हॉल बुलाया जाता था। कमरे में मौजूद अन्य साथी कथित तौर पर उन्हें रोक लेते थे। इसके बाद वीडियो बनाए जाते और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगे जाते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को इस तरह की ब्लैकमेलिंग का विचार दिल्ली-NCR में हुई एक अन्य ठगी की घटना की जानकारी मिलने के बाद आया। इसके बाद उसने कुछ बाहरी युवकों के साथ मिलकर कथित तौर पर योजना बनाई और लोगों को निशाना बनाना शुरू किया।
मामले की जांच अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर भी आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, चैट, UPI लेनदेन और बैंक खातों की जांच कर रही है। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित तौर पर वसूली गई 7 लाख रुपये की रकम किन खातों में पहुंचीऔर इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ संभावित पीड़ितों की पहचान करने में भी जुटी है। मामले में आगे की जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और कथित वसूली के तरीके को लेकर और जानकारी सामने आने की संभावना है।
Updated on:
12 Sept 2026 01:07 pm
Published on:
12 Sept 2026 01:07 pm
