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Bank Strike: बैंककर्मियों की हड़ताल से आम जनता हुई हलकान, 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित, वित्त मंत्री के खिलाफ नारेबाजी

Gorakhpur News: गोरखपुर में बैंक प्रबंधन और यूनियनों के बीच वार्ता विफल होने के बाद, लगभग 3 हजार बैंक कर्मियों ने हड़ताल कर दी। इस हड़ताल से 500 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
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Bank Strike News

हड़ताल करते बैंककर्मी (सोर्स: ANI Video)

Gorakhpur News: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर आयोजित राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के समर्थन में शुक्रवार को गोरखपुर में बैंक कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन समेत विभिन्न बैंक कर्मचारी संगठनों से जुड़े कर्मचारियों ने गोलघर बैंक रोड की सड़कों पर जुलूस निकालकर सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ आवाज बुलंद की। यूएफबीयू के संयोजक यूपीएन सिंह ने बताया कि 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की हड़ताल भी प्रस्तावित है। मांगें नहीं मानी गईं तो अक्टूबर के अंत में अनिश्चितकालीन हड़ताल का प्रस्ताव है। इसमें श्रेयांश श्रीवास्तव, बजरंग कुमार गुप्ता, प्रशांत शुक्ला सहित सैकड़ों बैंककर्मी शामिल रहे।

पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था नहीं हुई लागू

कर्मचारियों ने वित्त मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी लंबित मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मचारियों ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के साथ वर्ष 2024 में हुई बैठक में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार किए जाने के बावजूद अब तक इसे लागू नहीं किया गया है।

पेंशन पुनरीक्षण, बेहतर चिकित्सा सुविधा की मांग

कर्मचारियों ने कहा कि बैंक कर्मचारियों को सप्ताह में पांच दिन काम और शनिवार-रविवार को पूर्ण अवकाश की व्यवस्था मिलनी चाहिए। बैंक कर्मियों ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में लागू परफॉरमेंस लिंक्ड इंसेंटिव योजना में स्केल-4 से ऊपर के अधिकारियों के संबंध में कथित विसंगतियों को दूर करने की भी मांग उठाई। इसके साथ ही पेंशन पुनरीक्षण, महंगाई भत्ते में समानता और सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारियों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।

खाली पदों पर की जाए भर्ती

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बैंकों में कर्मचारियों की लगातार कमी हो रही है, जबकि काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। खाली पड़े पदों पर स्थायी भर्ती किए जाने की जरूरत है। कर्मचारियों ने नई भर्ती प्रक्रिया तेज करने, एनपीएस में सुधार करने तथा बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी अन्य प्रशासनिक समस्याओं का समाधान करने की मांग भी रखी।

अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

गोलघर बैंक रोड पर जुलूस के दौरान कर्मचारियों ने सरकार से लंबित मांगों पर शीघ्र ठोस निर्णय लेने की अपील की। कर्मचारियों का कहना था कि मांगों की लगातार अनदेखी किए जाने से बैंक कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया जा सकता है।

लंबित समस्याओं का हो समाधान

राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज और लेन-देन प्रभावित रहा। हालांकि डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और ऑनलाइन भुगतान जैसी सेवाएं उपलब्ध रहने से ग्राहकों को कुछ राहत मिली। कर्मचारियों ने कहा कि उनका आंदोलन बैंकिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने और कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए है।