Gorakhpur News मैनुअल टिकट के कारण काम पर नहीं आने वाले संविदा कर्मियों पर होगी कार्रवाई। ई-टिकटिंग मशीन के सर्वर की प्रदेश स्तरीय डाटा हैक के चलते, बीते 25 अप्रैल से रोडवेज सेवाओं के संचालन पर खासा असर पड़ रहा है।
गोरखपुर परिवहन निगम ने मैनुअल टिकट र नहीं बनाने वाले 35 संविदा परिचालकों पर कार्रवाई के तहत नोटिस जारी करते हुए सेवा र समाप्ति की चेतावनी दी है। वहीं 35 से 5 रिकवरी की कार्रवाई की जा रही है।
ई-टिकटिंग मशीन के सर्वर का डाटा हैक
ETM ई-टिकटिंग मशीन के सर्वर की प्रदेश स्तरीय डाटा हैक के चलते बीते 25 अप्रैल से रोडवेज सेवाओं के संचालन पर खासा असर पड़ रहा है। स्थिति सामान्य होने तक परिवहन निगम मुख्यालय ने मैनुअल टिकट पर बस के संचालन का आदेश प्रदेश के सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को जारी किया है।
गोरखपुर क्षेत्र की बात करें तो 50 फीसदी से अधिक बसों का संचालन प्रभावित है। आदेश के बाद भी मैनुअल टिकट बनाने से हाथ खड़ा करने वाले क्षेत्र के करीब 70 संविदा परिचालकों को डिपो प्रबंधन ने सेवा समाप्ति की चेतावनी दी है।
रिकवरी व सेवा समाप्ति का नोटिस दिया गया
बीते 25 अप्रैल को मुंबई की डेटा सेंटर सुविधा (वेववर्स सीएसपी) में दिक्कत आ जाने से एएफसीएस प्रणाली बंद हो गई। इसके चलते ईटीआईएम जारी करने का काम ठप हो गया। गंभीर मसला तो यह रहा कि मुख्यालय के निर्देश के बाद भी 35 परिचालकों को दिया गया नोटिस, 35 से रिकवरी के आदेश जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त होने की उम्मीद है।
इस दौरान मैनुअल टिकट पर न चलने वाले वस्ती, देवरिया व राप्तीनगर आदि डिपो में कार्यरत तकरीबन 70 संविदा परिचालकों के खिलाफ रिकवरी व सेवा समाप्ति का नोटिस दिया गया है। यदि वे दो दिन के भीतर काम पर नहीं लौटे तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होनी तय है।
पीके तिवारी, क्षेत्रीय प्रबंधक, गोरखपुर परिक्षेत्र ने बताया
गोरखपुर क्षेत्र की पचास फीसदी बसें अपने- अपने डिपो में खड़ी हो गई। वजह यह रही कि अधिकतर परिचालकों ने मैनुअल टिकट बनाने से हाथ खड़े कर दिए। ऐसे हालात में महराजगंज, सोनाली, देवरिया कुशीनगर व पडरौना आदि स्थानों से आने व वापस जाने वाले यात्रियों के साथ ही लखनऊ व दिल्ली आदि लंबी दूरी पर जाने वाले यात्रियों में लगातार चिंता का माहौल बना है।