
फ़ोटो सोर्स: पत्रिका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतीक रूप में प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्रों 10 हजार की जगह 18 हजार मानदेय प्रदान किया। सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए सीएम ने कहा कि सकारात्मक सोच ही बेहतर परिणाम दे सकती है।
गोरखपुर में हुए शिक्षामित्र सम्मान समारोह में उन्होंने बताया कि यह बढ़ा हुआ मानदेय अप्रैल माह से लागू हो चुका है और इसका लाभ सीधे शिक्षामित्रों को मिलेगा। सीएम ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की नीतिगत त्रुटियों के कारण शिक्षामित्रों के सामने संकट की स्थिति उत्पन्न हुई थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने उनकी सेवाओं को बनाए रखते हुए 2017 में मानदेय बढ़ाकर 10 हजार किया और अब इसे 18 हजार रुपये कर दिया गया है।
शिक्षामित्रों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने का भी निर्णय लिया गया है।सीएम ने बेसिक शिक्षा परिषद को निर्देश दिया कि शिक्षामित्रों के खातों के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा योजनाएं भी जोड़ी जाएं, जिससे दुर्घटना की स्थिति में 5 से 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिल सके।
CM योगी बोले जुलाई के प्रथम सप्ताह में विद्यालय खुलेंगे। स्कूल चलो अभियान पर एक बार फिर शिक्षक मनोयोग से जुट जाएं। शिक्षक अलग-अलग क्षेत्रों में जाएं और बच्चों को स्कूल लेकर जाएं तो यह आपका राष्ट्रीय कार्य होगा। सीएम योगी ने कहा पहले मेरा देश है तब हम हैं। जब देश है तो हम भी हैं। जब यह भाव होगा तो वह हम सब को संरक्षित व सुरक्षित करेगा। अच्छी पीढ़ी तैयार करेंगे तो हर क्षेत्र में अच्छे लोग आएंगे। जैसा पौधा रोपेंगे, उसी रूप में वह फल भी देगा, इसीलिए सकारात्मक कार्य करने की जरूरत है।
सीएम ने पूर्ववर्ती सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि 2017 से पहले 60 से 70 प्रतिशत बच्चे ऐसे थे, जिनके पास जूते-मोजे नहीं थे। आज सबके पास हैं, अब शिक्षक साल भर में जो कार्यक्रम हों, उससे अभिभावकों को भी जोड़ें। ड्रॉप आउट रेट को जीरो तक पहुंचाना होगा। शिक्षित समाज होगा तो सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र होगा और यही विकसित भारत की आधारशिला बनेगी।
Published on:
05 May 2026 04:38 pm
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