
फोटो सोर्स: पत्रिका
गोरखपुर में मेडिकल कॉर्स में एडमिशन के नाम पर चार साल पहले गोरखपुर के एक युवक को जालसाज ने झांसे में लेकर लाखों रुपए ठग लिए, जब आरोपी से कोई संपर्क नहीं हुआ तब लाचार होकर पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने लगातार उसे सर्विलांस पर रखा और सटीक जानकारी मिलते ही उसे दबोच ली, बता दें कि आरोपी बिहार के पटना का रहने वाला है और पुणे में फर्जी फर्म चलाकर लोगों से जालसाजी करता था।
जानकारी के मुताबिक जालसाज ने अपने फर्म का विज्ञापन छपवाया था जिसने मेडिकल में प्रवेश दिलाने की बात कही गई थी। यह देख पीड़ित उसके संपर्क में आया और करीब 26.85 लाख रुपए का भुगतान कर दिया। कुछ दिन बाद उसके नाम का एक एडमिशन लेटर आया जो फर्जी निकला। पीड़ित ने इस मामले में चार साल पहले आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कराया था। तभी से वह फरार चल रहा था। सोमवार को पुलिस ने आरोपी अमित को पकड़ कर जेल भेज दिया।
पुलिस ने बताया कि रामगढ़ताल इलाके के सिद्धार्थनगर कॉलोनी निवासी गोविंद त्रिपाठी के बेटे विमल त्रिपाठी का मुंबई के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराने के नाम पर आरोपी अमित ने 27 लाख की ठगी कर दी। पुलिस को दी गई तहरीर में गोविंद त्रिपाठी ने बताया कि उनका बेटा विमल त्रिपाठी एमबीबीएस करके डिप्लोमा इन चाइल्ड हेल्थ कोर्स (DCH) में प्रवेश के लिए तैयारी कर रहा था। इस बावर एडमिशन लेने के लिए वह अच्छा कॉलेज चाहता था। इसी बीच उसे मुंबई की एक फर्म के बारे में विज्ञापन के जरिए पता चला उसने विज्ञापन पर दिए गए नंबर से जालसाज अमित दूबे से मिला।
जालसाज अमित बिहार के पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के व्हाइट हाउस नंबर दस कैलाशपुरी का रहने वाला है। वर्तमान में महाराष्ट्र के पुणे शहर में रहता है। विज्ञापन पर विश्वास करके उसपर दिए अमित दुबे के मोबाइल नंबर पर कॉल करके संपर्क किया। बातचीत कर उसने बेटे के सभी एजुकेशन प्रमाण पत्र लेकर महाराष्ट्र के मुंबई में स्थित फर्म के ऑफिस बुलाया। उसके बाद दोनों पीड़ित अपने पुत्र के साथ मुंबई जाकर अमित दुबे से मुलाकात की। अमित ने उनसे सभी शैक्षणिक प्रमाणपत्र लेकर 26.85 लाख रुपया भुगतान करने के लिए कहा और विश्वास दिलाया कि भुगतान करते ही मुंबई के अच्छे मेडिकल कॉलेज में डीसीएच में एडमिशन हो जाएगा।
इस बात पर विश्वास कर 23 सितंबर 2022 अमित के बैंक खाते में रकम डाल दिया। कुछ दिन बाद आरोपी ने कॉलेज ऑफ फिजीशियन एंड सर्जन ऑफ मुंबई कॉलेज का बेटे के नाम एक एडमिशन लेटर दिया। मुंबई कॉलेज में एडमिशन कराने गया तो पता चला कि लेटर वहां से जारी नहीं हुआ है, वह फर्जी है। यह मालूम चलते ही परिवार के लोग शॉक्ड हो गए, उन्होंने तत्काल आरोपी को फोन लगाने की कोशिश की तो लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला, थक हार कर ऑफिस गए, वहां भी मुलाकात नहीं हो पाई। अंत में रामगढ़ ताल थाना पहुंच कर उसके खिलाफ FIR दर्ज कराई। तब से ही वह फरार चल रहा था। रामगढ़ ताल पुलिस ने सोमवार उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां उसे जेल भेज दिया गया।
Updated on:
12 May 2026 02:24 pm
Published on:
05 May 2026 03:21 pm
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