उत्तर प्रदेश में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत 'रोड टू स्कूल' के पहले प्रोजेक्ट का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से किया। इस प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में चरगांवा ब्लॉक के सभी 78 परिषदीय विद्यालयों (प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कम्पोजिट) को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत 'रोड टू स्कूल' के पहले प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट की शुरूआत गोरखपुर से हो रही है और इसमें दो ब्लॉक भटहट और चरगांवा को चुना गया है।
बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट का लाभ 78 परिषदीय विद्यालयों के 17,781 स्टूडेंट्स को मिलेगा। इस ब्लॉक में प्रोजेक्ट के तहत काम शुरू हो चुका है।दूसरे चरण में भटहट ब्लॉक के सभी 90 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों को शामिल किया जाएग। वहीं दूसरे चरण में 16434 स्टूडेंट्स को लाभ मिलने वाला है। रोड टू स्कूल प्रोजेक्ट में परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का नामांकन बढ़ाने, ड्राप आउट रोकने, बच्चों में पठन-पाठन के प्रति अभिरुचि बढ़ाने, उनके स्वास्थ्य देखभाल और उन्हें खेल एवं कौशल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की कोशिश है।
बता दें कि 'रोड टू स्कूल' प्रमुख औद्योगिक घरानों में शुमार हिंदुजा समूह की अशोक लीलैंड लिमिटेड और उसके कार्यान्वयन भागीदार लर्निंग लिंक फाउंडेशन की पहल है।इसके तहत प्रोजेक्ट शुरू करने वाली संस्था की तरफ से चरगांवा ब्लॉक में 57 युवाओं को रोजगार दिया गया है। इन वॉलंटियर्स ने स्थानीय टीचरों के साथ मिलकर घर-घर जाकर बच्चों के माता-पिता से मुलाकात की, उन्हें शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया। अभिभावकों से मिलकर अपने बच्चों का परिषदीय विद्यालयों में नामांकन कराने के लिए प्रेरित किया।इस पहल से न केवल शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने में मदद मिल रही है बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिल रहा है।