गोरखपुर में दरोगा के बेटे रोहित को गोली मारकर हत्या करने वाले उसके तीन दोस्तों का 24 घंटे बाद भी पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी।
पैसे के विवाद में गोरखपुर के रोहित की गोली मारकर हत्या करने वाले 24 घंटे बाद भी पुलिस की पहुंच से दूर हैं। हालांकि पुलिस ने मुख्य आरोपी काजन मिश्रा के दोस्त मुन्ना पासवान को बुधवार को गिरफ्तार किया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने जल्द ही मुख्य आरोपी के गिरफ्तारी की बात कही है।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि पुलिस हत्यारोपियों की तलाश के साथ ही उनकी क्राइम हिस्ट्री भी खंगाल रही है। दरअसल, मृतक रोहित अपने दोस्त काजन के साथ मिलकर प्रापर्टी और सूध- ब्याज का काम करता था। लखनऊ में 5 लाख की एक प्रापर्टी के लिए दो लाख रुपए दिए जाने को लेकर शराब पीने के बाद दोस्तों में विवाद हुआ, जिसके बाद काजन ने रोहित की गोली मारकर हत्या कर दी।
रोहित के परिवार में उसके माता पिता के अलावा एक बहन है। बहन की शादी हो चुकी है। रोहित परिवार का इकलौता बेटा था। वहीं, काजन के ऊपर पहले से छोटे मोटे केस हैं। जबकी शैलेन्द्र यादव शातिर अपराधी है। शैलेन्द्र 2015 में सहाबगंज के एक व्यापारी को गोली मारकर लूट के मामले में जेल भी जा चुका है।
हत्यारोपितों के बड़े माफियाओं से हैं संबंध-
इसके अलावा बिहार सिवान में हुए तेजाब कांड के मुख्य गवाह को शाहबुद्दीन के कहने पर शैलेन्द्र ने गोली मारकर हत्या की थी। इस मामले में भी वो जेल गया था। वहीं, बलिया में भाजपा विधायक की गोली मारकर हत्या के मामले में भी शैलेन्द्र जेल गया था। उसका यूपी और बिहार के बड़े माफियाओं से सम्पर्क हैं।