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गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में एक छात्र को MBBS करने में लग गए 17 साल, क्या है वजह?

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज (Gorakhpur Medical College) में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक छात्र को MBBS की डिग्री लेने में 17 साल लग गए। ऐसा क्यों हुआ, आइए जानते हैं...

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BRD मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर (Photo- Patrika)

BRD मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर के एक छात्र ने दाखिला लेने के 17 साल बाद आखिरकार MBBS की पढ़ाई पूरी कर ली है। इस छात्र ने वर्ष 2009 बैच में एडमिशन लिया था और वर्ष 2026 में डिग्री पूरी की है। अब छात्र इसी कॉलेज के एनेस्थीसिया विभाग में ही एक वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप करेगा। कई बार परीक्षा में फेल होने के बाद छात्र को गाइडलाइन के तहत मार्च महीने में अंतिम अवसर दिया गया था।

MBBS की डिग्री लेने में लगे 17 साल

मेडिकल कॉलेज में अप्रैल माह में परीक्षा कराई गई थी। रिजल्ट छात्र ने परीक्षा पास कर ली है, यह पूरा मामला पूरे कैंपस में चर्चा का विषय बना हुआ है। MBBS की पढ़ाई पूरी करने वाला छात्र एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र देव के अधीन ट्रेनिंग प्राप्त करेगा। डॉ. नरेंद्र देव ने कहा कि अब छात्र की क्षमता को देखते हुए उसे विभागीय कार्यों में शामिल किया जाएगा।

इंटर्नशिप के दौरान वह अन्य जूनियर छात्रों के साथ अस्पताल की विभिन्न जिम्मेदारियां निभाएगा। कॉलेज से जुड़े लोगों के अनुसार, छात्र अंतिम वर्ष में कई बार फेल हुआ, इसके बावजूद उसने पढ़ाई जारी रखी और पेपर देता रहा। आखिरकार वह पास हो गया। डॉ. नरेंद्र देव ने बताया कि अब छात्र डॉक्टर बनने की अंतिम प्रक्रिया पूरी करते हुए ट्रेनिंग करेगा।

एम्स की सेवा पहुंचेगी गांवों की ओर

एम्स गोरखपुर अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल कर रहा है, जिसका मुख्य उद्वेश्य दूर दराज की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। सामुदायिक और पारिवारिक चिकित्सा विभाग ने जिला स्वास्थ्य प्रशासन के साथ मिलकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरी खास और खोराबार ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की है।

क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण सेवाएं दे रहा AIIMS

कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि AIIMS ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेखनीय विस्तार किया है। संस्थान की तरफ से संचालित विभिन्न जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से दूर-दराज व वंचित आबादी तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। इन प्रयासों से न केवल समय पर उपचार सुनिश्चित हुआ बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सेवा-उपयोग में भी वृद्धि देखी गई है। यह सेवाएं जनता के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिससे उन्हें मूल्यवान स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उनके अपने ग्रामीण क्षेत्र में मिलता है।