गोरखपुर

‘सपा में कुर्सी का गंदा खेल’, पूर्व जिलाध्यक्ष राम नगिना साहनी को थप्पड़ मारने पर भड़के संजय निषाद

Sanjay Nishad: गोरखपुर में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राम नगिना साहनी के साथ कुर्सी को लेकर हुई मारपीट और थप्पड़बाजी पर मंत्री संजय निषाद ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की।
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Sanjay Nishad
संजय निषाद (photo- x@ians)

Sanjay Nishad Gorakhpur SP Ram Nagina Sahani Assault: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम के नेतृत्व में बुलाई गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पार्टी के ही कार्यकर्ताओं के बीच जमकर गाली-गलौज और मारपीट हो गई। एसआईआर और निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में बुलाई गई इस प्रेसवार्ता में महज कुर्सी पर बैठने के विवाद को लेकर पूर्व जिलाध्यक्ष राम नगिना साहनी के साथ अभद्रता की गई और उन पर कथित तौर पर हमला कर दिया गया। सार्वजनिक मंच पर हुई इस हिंसा के बाद प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है।

'कुर्सी के चक्कर में थप्पड़ मारना बेहद शर्मनाक': संजय निषाद

इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के नेता अनुपम सिंह के बेटे कमलेश सिंह और उनके समर्थकों द्वारा पूर्व जिलाध्यक्ष राम नगिना साहनी के साथ की गई मारपीट और थप्पड़बाजी की घटना से वे स्तब्ध हैं। मंत्री निषाद ने कहा कि महज कुर्सी पर बैठने के विवाद में बुजुर्ग और वरिष्ठ नेता को पीटना बेहद निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण और सपा के आपराधिक चरित्र को दर्शाने वाला है।

महिला के सम्मान में आवाज उठाई तो हुआ हमला: काजल निषाद

घटना के वक्त राम नगिना साहनी के बगल में बैठी सपा नेता काजल निषाद ने बताया कि कुछ लोग जबरन कुर्सी आगे खिसकाने का दबाव बना रहे थे। चूंकि बगल में एक महिला बैठी हुई थी, इसलिए राम नगिना साहनी ने महिला मर्यादा का ध्यान रखते हुए इसका विरोध किया। इसके बाद दूसरे पक्ष ने गाली-गलौज शुरू कर दी। काजल निषाद ने कहा कि यह बेहद गलत हुआ है और इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भेजी जा रही है, ताकि सख्त कार्रवाई की जा सके।

'हथियारों के साथ घुसे थे दबंग': पीड़ित राम नगिना साहनी

पीड़ित सपा नेता राम नगिना साहनी ने आपबीती सुनाते हुए आरोप लगाया कि प्रेसवार्ता के दौरान अंशुमान सिंह अपने कई हथियारबंद समर्थकों के साथ पहुंचे। जगह न होने के बावजूद वे जबरन कुर्सियां आगे बढ़ाने की जिद्द करने लगे। विरोध करने पर वे गुंडागर्दी और मारपीट पर उतारू हो गए। साहनी ने कहा कि आरोपी अपनी दबंगई और वर्चस्व दिखा रहे थे, लेकिन वे भूल रहे हैं कि हमारा भी एक स्वाभिमान और इतिहास है।

Updated on:
03 Oct 2026 09:57 pm
Published on:
03 Oct 2026 09:47 pm