
Gorakhpur News: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए गोरखपुर जोन के एडीजी रामकुमार के निर्देश पर पुलिस ने सुरक्षा का व्यापक खाका तैयार किया है। चार सितंबर को मनाए जाने वाले जन्माष्टमी पर्व के दौरान मंदिरों, शोभायात्राओं, मेलों और अन्य धार्मिक आयोजनों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए जोन के 11 जिलों में पीएसी के जवानों के साथ ही संबंधित जिले पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है।
अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन रामकुमार ने सभी पुलिस अधीक्षकों को पर्व के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखने के साथ ही छोटी से छोटी सूचना को गंभीरता से लिया जाए और किसी भी स्थिति में विवाद को बढ़ने का मौका न दिया जाए। एडीजी श्री कुमार ने बताया कि सभी पुलिस अधीक्षक अपने स्तर से पुलिस फोर्स को लगाएंगे।
इसके अतिरिक्त पीएसी भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेगी। महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए एंटी रोमियो स्क्वाड को सक्रिय किया गया है। एडीजी के निर्देश पर पुलिस ने पर्व से पहले ही तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पीस कमेटी, धर्मगुरुओं, शांति समितियों और संभ्रांत लोगों के साथ बैठकें की जा चुकी हैं। नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत विभाग समेत अन्य विभागों के साथ भी बैठकें तथा आयोजकों और संचालकों के साथ गोष्ठियां आयोजित की गई हैं।
आयोजन स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल लगाने के साथ आयोजकों से सुरक्षा के अतिरिक्त उपाय करने को कहा गया है। शोभायात्राओं के मार्गों का थाना प्रभारी और क्षेत्राधिकारी पहले ही निरीक्षण कर लेंगे। रास्ते में यदि ढीले विद्युत तार या अन्य कोई समस्या सामने आती है तो संबंधित विभाग के सहयोग से उसे समय रहते दूर कराया जाएगा। यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए रूट डायवर्जन की स्थिति में वैकल्पिक मार्गों का भी पहले से निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। धार्मिक स्थलों के आसपास भी पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी रहेगी। आयोजकों को निर्देश दिया गया है कि कार्यक्रमों को अधिक से अधिक सीसीटीवी कैमरों को निगरानी में कराया जाए। पहले से लगे कैमरों की कार्यशीलता भी जांची जाएगी।सभी प्रमुख झांकियों, मेलों और कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस पुराने विवादों और पूर्व में जन्माष्टमी के दौरान हुई घटनाओं की भी समीक्षा कर रही है।
त्योहार रजिस्टर को अपडेट करने के साथ बीट, थाना और सर्किल स्तर पर बैठकें कर स्थानीय विवादों का समय रहते समाधान कराया जाएगा। एडीजी ने अधिकारियों को किसी भी नई या विवादित परंपरा को अनुमति न देने के निर्देश दिए हैं। भीड़भाड़ वाले मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर बैरिकेडिंग कर भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा।
मेलों और शोभायात्राओं के दौरान महिलाओं से छेड़छाड़, झपटमारी और अन्य घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस पिकेट और अतिरिक्त बल तैनात रहेगा। सोशल मीडिया पर भी पुलिस की पैनी नजर रहेगी। भ्रामक, आपत्तिजनक वा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट सामने आने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अफवाह फैलाने वाले और माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ निष्पक्ष वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी सूचना को नजरअंदाज न किया जाए। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई करे, जिससे छोटी घटना भी बड़ा रूप न ले सके। जन्माष्टमी के मुख्य पर्व के बाद भी कई स्थानों पर छह दिन तक मेले, झांकियां और शोभायात्राएं आयोजित होने की संभावना है। ऐसे में पुलिस की सतर्कता पर्व के बाद भी जारी रहेगी।