
जफर अमीन डक्कू और आजम खान। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज
Azam Khan and Jafar Amin Latest News: गोरखपुर शहर में सरकारी जमीन पर कब्जा और मारपीट के आरोप में समाजवादी पार्टी (SP) नेता जफर अमीन डक्कू और सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी समेत तीन लोगों के खिलाफ राजघाट पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने जफर अमीन को हिरासत में लिया। आरोप है कि जफर अमीन अपने सहयोगी शब्बीर कुरैशी समेत 10-12 लोगों के साथ मंगलवार को खोखर टोला में जमीन पर कब्जा करने पहुंचे थे। जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
राजघाट थाना क्षेत्र के खोखर टोला निवासी जफर अमीन डक्कू को गोरखपुर में सपा नेता आजम खान का करीबी माना जाता है। सपा सरकार में मंत्री रहते हुए आजम खान कई बार जफर अमीन के घर भी आ चुके हैं। पुलिस के मुताबिक, जमीन कब्जे को लेकर हुए विवाद के बाद मंगलवार देर रात जफर अमीन को हिरासत में लिया गया। पुलिस की कई टीमें रात करीब दो बजे उनके घर पहुंची थीं। जफर अमीन घर पर ही मिले, जिसके बाद पुलिस उन्हें राजघाट थाने ले आई। बुधवार को उनका शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि देर रात पुलिस ने 3 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। वहीं, मुकदमे में नामजद सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी की तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। शब्बीर कुरैशी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 4 टीमें लगाई हैं।
राजघाट थाना क्षेत्र के खोखर टोला निवासी जफर अमीन डक्कू को गोरखपुर में सपा नेता आजम खान का करीबी माना जाता है। जफर अमीन डक्कू गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा सीट से दो बार चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने पहली बार 1991 में शहरी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था। इसके बाद 2012 में उन्होंने सपा के टिकट पर गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्हें 41 हजार 864 वोट मिले थे और वह 16 हजार 985 वोटों के अंतर से चुनाव हार गए थे। बीजेपी प्रत्याशी विजय बहादुर यादव ने जीत दर्ज की थी।
जफर अमीन डक्कू का नाम इस बार उनकी राजनीतिक पहचान के बजाय आपराधिक मामले को लेकर चर्चा में है। राजघाट के खोखर टोला में जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और शांतिभंग की आशंका में चालान किया।
जफर अमीन को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिलने के बाद बुधवार सुबह से राजघाट थाने पर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सपा जिला अध्यक्ष ब्रजेश गौतम समेत 50 से अधिक नेता और कार्यकर्ता थाने पहुंचे और जफर अमीन से मुलाकात की।
ब्रजेश गौतम ने पुलिस की रात में की गई कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन रात में दबिश देकर कार्रवाई करने की इतनी जल्दी क्यों थी। उन्होंने कहा कि जफर अमीन डक्कू कोई आतंकवादी नहीं हैं।
सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी की तलाश में पुलिस ने रात करीब एक बजे इस्माइलपुर स्थित उनके घर पर दबिश दी। राजघाट और कोतवाली पुलिस की टीम के साथ महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थीं। करीब एक घंटे तक घर के अलग-अलग कमरों और छत पर तलाशी ली गई, लेकिन शब्बीर कुरैशी नहीं मिले। परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस टीम ने छत पर पानी की टंकी, अलमारी, फ्रिज और कूलर तक खुलवाकर तलाशी ली। इस तलाशी का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। इस दौरान पुलिस ने कई बार परिवार के लोगों से शब्बीर कुरैशी के मोबाइल पर फोन करवाया, लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला।
सपा जिलाध्यक्ष ब्रजेश गौतम ने कहा कि कानूनी कार्रवाई पर पार्टी को कोई आपत्ति नहीं है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर कार्रवाई शांतिभंग की आशंका में की गई है तो दोनों पक्षों के खिलाफ समान कार्रवाई होनी चाहिए।
सपा जिला अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने राजघाट थाने में जफर अमीन डक्कू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जफर अमीन से मामले से जुड़े सभी कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जानकारी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी दी जाएगी। पार्टी स्तर पर मामले को समझने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
03 Sept 2026 04:55 pm
Published on:
03 Sept 2026 04:55 pm
