यूपी के इन जिलों में फैला हुआ है इनका नेटवर्क
गोरखपुर। यूपी एसटीएफ ने मादक पदार्थाें का देशभर में सप्लाई करने वाले एक बड़े रैकेट के सदस्यों को पकड़ने में सफलता पाई है। नेपाल के रास्ते यूपी के शाहजहांपुर और फिर देश के विभिन्न कोनों तक ड्रग की खेप पहुंचाते हैं। एंटी नारकोटिक्स डिपार्टमेंट व एसटीएफ ने नेपाली कैश व एक गाड़ी के साथ काफी मात्रा में नशीली दवाइयों को बरामद किया है। बरामद नशीले पदार्थाें में अकेले हेरोईन की कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही। तीन कैरियर भी हत्थे चढ़े हैं। इसमें दो गोरखपुर क्षेत्र के महराजगंज व एक दिल्ली का रहने वाला है। एसटीएफ इनसे गिरोह के अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश में है।
भारत-नेपाल का खुला बार्डर अपराधियों व तस्करों के लिए सबसे मुफीद साबित हो रहा। अपराध और आतंक के लिए सेफ जोन बन चुके इस राह से ड्रग माफिया भी अपने अवैध धंधे को खूब चमका रहा है। एसटीएफ व नारकोटिक्स डिपार्टमेंट ने गोरखपुर में ड्रग तस्करों के एक बड़े गिरोह तक पहुंचने में सफलता पाई है। संयुक्त टीम ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों के पास से हेरोईन, अल्प्राजोलाम, नाइट्राजोपाम सहित कई सामान बरामद हुए हैं।
एसटीएफ के अनुसार पुख्ता सूचना के आधार पर एसटीएफ व नारकोटिक्स डिपार्टमेंट की संयुक्त टीम ने एक सफेद कार को रोकी। यूपी 53बीए 3785 कार को रोकने के बाद उसकी तलाशी लेने पर उसमें करीब चार सौ ग्राम हेरोइन, सवा दो सौ ग्राम अल्प्राजोलाम, तीन सौ ग्राम नाइट्राजेपाम बरामद हुआ। टीम ने तीन लोगों को हिरासत में लिया। इनके पास से तीन मोबाइल, पहचान पत्र समेत पांच हजार भारतीय मुद्रा व पंद्रह सौ से ज्यादा नेपाली करंसी भी मिला।
पकड़े गए आरोपियों में दो महराजगंज के सोनौली के सोहन गुप्ता व नौतनवा के मधुबननगर के किशनलाल उर्फ कृष्णानाथ अग्रहरी हैं। जबकि तीसरा राजू देवल उर्फ राजू पटवा पुरानी दिल्ली के उस्मानपुर जगदीशपुर का रहने वाला बताया जा रहा।
एसटीएफ के अनुसार इस रैकेट का नेटवर्क देश के विभिन्न हिस्सों में फेला हुआ है। किशनलाल शाहजहांपुर से ड्रग का सप्लाई देता था। जबकि सोहन व राजू हर जगह डिलेवरी जाकर देते थे।