गोरखपुर

Ishita sherma: गोरखपुर की इशिता हैं …बाबा नीम करौली की भक्त, बोलीं…सुप्रीम पावर के बिना कुछ संभव नहीं, IAS रिजल्ट में मिला है 26 वां रैंक

गोरखपुर की इशिता शर्मा जिन्होंने अपने आईएएस के चौथे प्रयास में देश भर में 26 वीं रैंक हासिल करके गोरखपुर समेत पूर्वांचल का नाम रोशन किया। 6 मार्च को जारी आईएएस सूची में इशिता का नाम देखकर परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।

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Mar 08, 2026
फोटो सोर्स: पत्रिका, इशिता शर्मा

गोरखपुर की रहने वाली इशिता शर्मा ने अपने चौथे प्रयास में IAS का एग्जाम न सिर्फ क्लियर किया है बल्कि ऑल इंडिया में 26 वां स्थान हासिल किया है। इशिता ने बताया कि जब से वे स्कूलिंग में आईं तबसे ही उनका ड्रीम आईएस बनने का था।

एग्जाम इतना अनसर्टेनिटी है कि भगवान पर विश्वास करना पड़ता है। मुझे बहुत मदद मिलती है। सुप्रीम पावर पर विश्वास होने से काफी आत्मविश्वास मिलता मैं नीम करौली बाबा की पूजा करती हूँ।

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स्कूलिंग से ही IAS बना लक्ष्य, तीसरे अटेम्प्ट में इंटरव्यू तक पहुंची

अपने पिछली यादों को ताजा करते हुए इशिता बताती हैं कि जब उन्होंने 12 वीं में टॉप किया तब मुझसे पूछा गया कि क्या बनना चाहती हो। मैंने कहा था IAS बनूंगी। तबसे मैं और मेहनत इसके लिए करने लगी। इशिता ने बताया कि पहले और दूसरे अटेम्प्ट मेरा प्री भी क्वालीफाई नहीं हुआ।

उस समय मुझे लगा शायद मेरे बस का नहीं है। लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी। परिवार से सपोर्ट मिला और और तीसरा अटेम्प्ट मैं इंटरव्यू तक गई, लेकिन बैड लक से 14 नंबरों से सिलेक्शन नहीं हुआ।

चौथे अटेम्प्ट में भेद दिया लक्ष्य, लड़कियों को सेल्फ कांफिडेंट बनने पर दी जोर

इससे काफी नर्वस हुई लेकिन फिर हिम्मत बनाते हुए फिर मैंने कमियों पर ध्यान दिया और उम्मीद बनाए रखा। चौथे अटेम्प्ट के बाद मेरा क्लीयर हुआ है। इशिता कहती हैं कि सभी लड़कियों को सेल्फ डिपेंडेंट बनने पर हमेशा जोर लगाना चाहिए। जो भी काबिलियत आपके अंदर है उसी से आगे बढों। जब हम खुद पैरों पर खड़ा रहेंगे फाइनेंशियल इंडिपेंडेंट रहेंगे तभी अपने फैसले खुद ले सकेंगे।

सेल्फ स्टडी पर विशेष फोकस, ऑन लाइन क्लासेज से ली मदद

इशिता ने अपनी स्कूलिंग सरस्वती बालिका विद्यालय से की। उसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी.काम और एम.काम किया। लेकिन यूपीएससी की तैयारी गोरखपुर से ही की। इशिता ने सेल्फ स्टडी पर सबसे ज्यादा फोकस किया और कुछ ऑनलाइन क्लासेज की मदद ली। इशिता ने पढ़ाई में कंसिस्टेंसी रखी और क्वालिटी लर्निंग पर फोकस किया।

सफलता का श्रेय भाई को दीं, पिता बैंक मैनेजर

पढ़ाई में वह क्वालिटी बेस स्टडी पर ज्यादा फोकस दी अपितु समय के हिसाब से, हर टॉपिक को गहराई से समझने का प्रयास किया। इशिता के पिता डीके शर्मा एक बैंक मैनेजर हैं और मां अर्चना हाउस वाइफ। इशिता ने अपनी सफलता का श्रेय अपने भाई को दिया है, जिसने हमेशा साथ दिया, वह भी सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा है।

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Updated on:
08 Mar 2026 02:49 pm
Published on:
08 Mar 2026 02:00 pm
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