गोरखपुर

मस्जिद विस्फोट कांडः पूर्व मेजर, रिटायर्ड पीडब्ल्यूडी कर्मी सहित तीन को जेल

कुशीनगर में बारुद रखने की वजह से हुआ था मस्जिद में विस्फोट

less than 1 minute read
UP BIG NEWS: प्रयागराज से फरार अब्दुल खातिर को एटीएस ने बेंगलुरू में पकड़ा, चैटिंग में अयोध्या को लेकर कही थी यह बात

कुशीनगर मस्जिद में विस्फोटक रखने के आरोपी पूर्व पीडब्ल्यूडी कर्मी कुतुबुद्दीन, पूर्व मेजर अशफाक व मुन्ना को जेल भेज दिया गया है। मौलवी सहित चार पहले ही जेल भेजे जा चुके थे। एटीएस व पुलिस कुछ और लोगों से पूछताछ कर रही है।
शनिवार को तीनों को पुलिस ने न्यायालय के सामने पेश किया, उसके बाद इनको न्यायिक अभिरक्षा में 14 दिन की रिमांड पर जिला कारागार में भेज दिया गया।
मस्जिद में विस्फोट होने के बाद बारुद होने की पुष्टि पर हाजी कुतुबद्दीन, पोते सेना के पूर्व मेजर रहे अशफाक, मुन्ना उर्फ सलाउद्दीन, मस्जिद के मौलाना अजीमुद्दीन उर्फ अजीम, इजहार, आशिक, जावेद के विरुद्ध धारा 5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908, 147, 295, 1200 बी व 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

Read this also:

यह है मामला

कुशीनगर के बैरागी पट्टी गांव में एक मस्जिद में सोमवार को धमाका हुआ था। बताया गया कि इन्वर्टर की बैैटरी फटने से यह धमाका हुआ। यह धमाका इतना तेज था कि मस्जिद के खिड़की-दरवाजे टूट गए थे और दीवारों में दरारें पड़ गईं थीं। पूरा गांव इस धमाके की आवाज से दहल उठा था। विस्फोट की खबर पाकर पुलिस गांव में पहुंची। उच्चाधिकारियों को सूचना मिली तो वे भी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों को मस्जिद के मौलाना अजमुद्दीन ने बताया कि इन्वर्टर की बैट्री फटने से विस्फोट हुआ। लेकिन फाॅरेंसिक जांच में बारुद के होने की पुष्टि हुई तो सुरक्षा एजेंसियों के होश फाख्ता हो गए।
एटीएस के अलावा खुफिया एजेंसियों ने पड़ताल शुरू की। पूछताछ के दौरान मौलान अजमुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी है। खुफिया एजेंसियों विस्फोटक सुरक्षित रखने का असल मकसद तलाश रही हैं।

Published on:
17 Nov 2019 11:33 am
Also Read
View All