तरक्की और भाई का खुशहाल परिवार सुहा नहीं रहा था भाइयों को
गोरखपुर। चिलुआताल थानाक्षेत्र में इमरान हत्याकांड से पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। भाई ही अपने भाई का हत्यारा निकला। भाई की तरक्की देखी न गई तो भाई ने दुश्मन के साथ मिलकर हत्या कर दी। हत्या को अंजाम देने के बाद ऐसी कहानी रच दी कि मृतक के ससुरालियों व पत्नी पर शक की सुई घूमें। लेकिन अपराधशास्त्र की मानें तो अपराधी कितना भी चालाक क्यों न हो वह कोई न कोई सबूत छोड़ ही देता है। गोरखपुर पुलिस को भी तफ्तीश में ऐसा ही सबूत हाथ लग गया और हत्याकांड पर से पर्दा उठा दिया।
गुरुवार को पुलिस ने इस हत्याकांड से पर्दा उठाया। पुलिस के अनुसार मृतक इमरान व उसका भाई जुल्फीकार सीमेन्ट का कारोबार करते थे। दोनों भाई महराजगंज के तीरथ उर्फ मुद्रिका साहनी से सीमेन्ट खरीद कर व्यापार करते थे। तीरथ साहनी का सम्बंध जुल्फीकार खां से बहुत प्रगाढ था। पुलिस के अनुसार मृतक इमरान का व्यापार काफी आगे निकल गया था, जिससे जुल्फीकार जलन रखने लगा। पैसों की लेनदेन को लेकर इमरान के संबंध तीरथ से काफी खराब होते गए। कई बार कहासुनी भी हो चुकी थी।
पुलिस के अनुसार इमरान के भाई यह भी नहीं चाहते थे कि इमरान का वैवाहिक जीवन मधुर हो लेकिन कुछ दिन पूर्व ही दंपत्ति में समझौता होने के बाद सबकुछ सामान्य हो गया। यह बात इमरान के भाइयों को रास नहीं आई। फिर इन लोगों ने इमरान के व्यवसायिक दुश्मन बन चुके तीरथ के साथ मिलकर उसे ठिकाने लगाने की ठानी।
1 मई को साजिश के तहत इन लोगों ने इमरान को सीमेंट की डिलेवरी के लिए चिलुआताल क्षेत्र में बुलाया। योजना के तहत तीरथ उर्फ मुद्रिका साहनी अपने पीकप चालक अजय यादव व साथी जग्गन उर्फ जगलाल चैहान ग्राम शेरपुर चमरहां में निर्माणाधीन फोरलेन के पास पहुंचें और इमरान को फोन किया। पुलिस के अनुसार जब इमरान आया तो पीकप में पीछे बैठाकर हिसाब किताब करने लगे। तीरथ साहनी ने पहिय खोलने के लोहे के पाना से सिर पर पीछे से मार दिया। पुलिस के अनुसार जगलाल उर्फ जग्गन चैहान व अजय यादव ने इमरान के पैर हाथ दबा दिए, फिर चेहरे पर भी कई वार कर दिए। मृतक पीकप में ही मर गया। शव लपेटकर नीचे गिरा दिया। मृतक की गाड़ी वहीं लॉक कर दिए व चाभी लाकर तीरथ साहनी ने जुल्फीकार को दे दिया।
पुलिस ने बताया कि चूंकि समाज के निगाह में इमरान का सम्बंध अपने पत्नी से खराब चल रहा था, इसका लाभ लेने के लिए अभियुक्तों ने अपने बड़े भाई गुलजार के तरफ से तहरीर देकर मृतक की पत्नी व सालों को नामजद करा दिया। लेकिन विवेचना में पुलिस असली कातिलों तक पहुंच गई। फिलहाल पुलिस ने अभियुक्त जगलाल उर्फ जग्गन चैहान व अजय यादव को गिरफ्तार करने के साथ हत्या के समय प्रयोग में लाई गई पीकप और आला कत्ल बरामद कर लिया है।