गोरखपुर नगर निगम में सफाई करने वाले कर्मियों ने किया काम ठप
मुख्यमंत्री के शहर में साफ-सफाई व्यवस्था ठप कर दी गई है। सफाई कर्मचारी संविदा पर नियुक्ति की मांग को लेकर नगर निगम में धरना शुरू कर दिए हैं। ठेके पर काम करने वाले इन कर्मचारियों की मांग है कि ठेके पर काम करने की वजह से उनको उनका मेहनताना भी ढंग का नहीं मिल पाता है। सरकार उनसे काम ले लेकिन संविदा पर रख एक तय धनराशि दे ताकि उनकी आजीविका सही से चल सके।
नगर निगम गोरखपुर में सफाई कार्य ठेके पर कराया जाता है। ठेकेदार द्वारा इन सफाईकर्मियों को रखकर दिहाड़ी पर काम कराया जाता है। निगम में करीब सात सौ सफाई कर्मचारी डेलीवेज पर काम करते हैं।
बुधवार को निगम में ठेके पर काम करने वाले सफाई कर्मियों ने सफाई कार्य ठप कर धरना शुरू कर दिया। हाथों में झाड़ू व बेलचा लेकर प्रदर्शन कर रहे इन कर्मियों का कहना था कि वह लोग शहर की गंदगी साफ करते हैं। पूरे शहर की सफाई की जिम्मेदारी उनके ऊपर है लेकिन जिम्मेदार उनके बारे में नहीं सोचते। ठेकेदार उनको उनका वाजिब हक तक नहीं देता। रोजाना डेढ़ सौ रुपये उनको मिलता है। इस पैसे से खर्च चलाना मुश्किल है। इन लोगों की मांग है कि उनको ठेकेदार के अंडर में रखने की बजाय संविदा पर रखी जाए।
सफाईकर्मियों का आरोप था कि काम के दौरान किसी भी दुर्घटना के लिए उनको कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं मिलती। अगर काम के दौरान चोट लग जाये, कोई अनहोनी हो जाये तो किसी प्रकार की सहायता उन लोगों को नहीं मिलती।
सफाई करने वाले इन लोगों की मांग थी कि उनको सीधे नगर निगम अपने यहां संविदा पर रखे। इनलोगों ने चेताया है कि जबतक उन लोगों की मांग नहीं मानी जाती है तबतक वह लोग
काम पर नहीं लौटेंगे।।