Gorakhnath Mandir : शारदीय नवरात्रि तीन अक्टूबर बृहस्पतिवार से शुरू हो रहा है।गोरखनाथ मंदिर स्थित मां दुर्गा के मंदिर में शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जाएगी। पूरे नौ दिनों तक श्रद्धालु माता के विभिन्न रूपों की आराधना करेंगे। अष्टमी व नवमी का व्रत 11 अक्टूबर को होगी।
गोरखनाथ मंदिर में दशहरा पर्व के विशेष अवसर पर तैयारियां जोरों पर हैं।नवरात्र की शुरुआत 3 अक्टूबर से होगी और इसके साथ ही मंदिर परिसर में शक्ति पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी शुरू जाएगा। विजयादशमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।
गोरखनाथ मंदिर में नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन मां दुर्गा की पूजा और श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है, जो विजयादशमी तक चलेगा। इस दौरान शाम 4 बजे से 6 बजे तक दुर्गा सप्तशती का पाठ भी होगा। मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने बताया कि गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ इस साल भी परंपरा का निर्वहन करेंगे, जिसमें राघव-शक्ति मिलन, शस्त्र पूजन और साधु-संतों के विवादों का समाधान शामिल है।
नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा मंदिर में कलश स्थापना की जाएगी और इसके साथ ही मंदिर से एक शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो भीम सरोवर तक जाएगी और जल कलश में भरा जाएगा। इस यात्रा में साधु-संतों के साथ गोरक्षपीठाधीश्वर भी शामिल होंगे। इसके अलावा, नवरात्रि के अंतिम दिन यानी 11 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर राघव-शक्ति मिलन और तिलकोत्सव का आयोजन होगा।
महाष्टमी की रात 10 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महानिशा पूजन करेंगे। इसके बाद 10 और 11 अक्टूबर को महानवमी और विजयादशमी के अवसर पर विशेष पूजन किया जाएगा। नवरात्रि के नौ दिनों तक योगी आदित्यनाथ व्रत रखेंगे, और अष्टमी से विजयादशमी तक मंदिर के धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
विजयादशमी के दिन CM योगी आदित्यनाथ सबसे पहले कन्याओं के पांव पखारेंगे और उन्हें मातृ स्वरूप में पूजा जाएगा। इसके बाद राघव-शक्ति मिलन और रामलीला मैदान में प्रभु श्रीराम का राजतिलक किया जाएगा। इस भव्य आयोजन के दौरान गोरक्षपीठाधीश्वर शस्त्र पूजन करेंगे और शोभायात्रा का नेतृत्व करेंगे।गोरखनाथ मंदिर में इस बार भी विजयादशमी के मौके पर शस्त्र पूजन का आयोजन होगा। गुरुवार से ही मठ में शस्त्रों की साफ-सफाई शुरू हो चुकी है, और शस्त्र पूजन के बाद शिष्य इन शस्त्रों के साथ शोभायात्रा में भाग लेंगे। शाम को शोभायात्रा गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने समाप्त होगी, जहां प्रसाद वितरण और भोज का आयोजन होगा।