
Neha Vora Programme: गोरखपुर में सोमवार को आइसा की ओर से Gen-Z महाजुटान कार्यक्रम का आयोजन गोकुल अतिथि भवन में किया गया। इस कार्यक्रम में संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं के अलावा छात्र नेता और आम लोग शामिल थे। कार्यक्रम में आइशा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने युवाओं की शिक्षा, रोजगार, छात्रवृत्ति, हॉस्टल और विश्वविद्यालयों में सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। योगी सरकार को लाठी भांजने वाली सरकार बताया।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने अपने स्कूलों में सामने आ रही समस्याओं से जुड़ी चिट्ठी नेहा बोरा को सौंपी। छात्रों की समस्याएं सुनने के बाद नेहा बोरा ने भरोसा दिया कि इन मुद्दों को संगठन के मेनिफेस्टो में शामिल किया जाएगा। नेहा ने भरोसा दिलाते हुये कहा कि छात्रों की समस्याओं को लेकर संगठन अलग-अलग शहरों और विश्वविद्यालयों में अभियान चला रहा है।
गोकुल अतिथि भवन में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेहा बोरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर हमला बोला। उन्होंने सरकार पर अराजकता फैलाने और हिंदू-मुस्लिम के नाम पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार को सड़कों पर नमाज पढ़ने से आपत्ति है, लेकिन थाने में जन्माष्टमी के दौरान उपद्रव होने पर कोई नाराजगी नहीं होती। नेहा ने कहा कि सरकार युवाओं को बेहतर शिक्षा, नौकरी और रोजगार देने में सफल नहीं रही है।
सीएम योगी का संगठन हिंदू युवा वाहिनी भी निशाने पर रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संगठन पूर्वांचल में दंगा कराने के लिए जाना जाता है। उन्होंने हिंदू युवा वाहिनी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 'पेट प्रोजेक्ट' बताया। उन्होंने संगठन के पूर्व अध्यक्ष सुनील सिंह को लेकर भी कई आरोप लगाए।
नेहा बोरा ने अपने संबोधन में नाथूराम गोडसे का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार गोडसे को पूजने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा के लोग नाथूराम गोडसे की जय-जयकार करते हैं। नेहा ने कहा कि आजाद भारत में महात्मा गांधी की हत्या करने वाले गोडसे को बचाने की कोशिश की गई थी। अपने संबोधन में नेहा बोरा ने कई बार 'गुंडा' और 'दंगा' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। कार्यक्रम के बाद जब उनसे पूछा गया कि मंच से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना अशोभनीय नहीं है, तो उन्होंने इसका बचाव किया और कहा गलत काम होने पर उसके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि Gen-Z महाजुटान का उद्देश्य युवाओं और छात्रों के मुद्दों को सामने लाना है और सरकार से इन मुद्दों पर जवाब मांगना है।