ओपीडी ठप करने के बाद केस हुआ था दर्ज, काली पट्टी बांधकर डाॅक्टर कर रहे थे विरोध
गोरखपुर। पुलिसवालों द्वारा जिला अस्पताल के डाॅक्टर को मारने-पीटने के मामले में आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया गया है। अभी भी तीन अन्य आरोपी पुलिसवाले गिरफ्त के बाहर हैं। मारपीट के इस मामले में डाॅक्टर्स ने गिरफ्तारी होने तक ओपीडी ठप करने की चेतावनी दी थी।
पिटाई से आहत साथी डाॅक्टरों ने ओपीडी और इमरजेंसी बुधवार को ठप रखा था। एसएसपी के आदेश के बाद पुलिसवालों पर केस दर्ज हुआ तो डाॅक्टर काम पर लौटे थे। इसके बाद डाॅक्टरों ने कालीपट्टी बांधकर मरीजों को देखा था। डाॅक्टरों ने चेतावनी दी है कि 24 घंटे के भीतर अगर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे लोग फिर हड़ताल पर चले जाएंगे।
मामला यह है कि मंगलवार की देर रात को मऊ के दोहरीघाट थाने पर तैनात सिपाही दुर्गेश पाठक का एक्सीडेंट हो गया था। करीब दो बजे वह जिला चिकित्सालय गोरखपुर में इलाज के लिए एंबुलेंस से लाया गया। बताया जा रहा कि गोरखपुर के सहजनवा में पाठक का एक्सीडेंट हुआ था। घायल सिपाही की किसी बात को लेकर इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डाॅ.राकेश कुमार और शाहनवाज से कहासुनी हो गई। बात बढ़ता देख सिपाही ने फोन कर अपने साथी पुलिसवालों को बुला लिया।
डाॅ.राकेश कुमार के अनुसार घायल सिपाही का साथ देने आए एसआई अंजनी कुमार, सिपाही मनोज चैधरी और एक अन्य सिपाही भी उलझ गए। कहासुनी के दौरान डाॅक्टर को मारने पीटने लगे। डाॅक्टर राकेश ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने इमरजेंसी रजिस्टर और आरोपी सिपाही का मेडिको लीगल भी फाड़ दिया। पुलिसवालों ने इमरजेंसी में तोड़फोड़ भी की।
पुलिसवालों के इस हरकत से नाराज डाॅक्टरों ने जिला अस्पताल की इमरजेंसी व ओपीडी अगले दिन ठप कर दी। सुबह सवेरे डाॅक्टर्स कोतवाली पहुंच गए। तहरीर देकर आरोपी सिपाहियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग करने लगे। डाॅक्टरों के बढ़ते दबाव को देखते हुए एसएसपी शलभ माथुर ने हस्तक्षेप किया। फिर पीड़ित डाॅ.राकेश कुमार की तहरीर पर कोतवाली थाने में धारा 332 323 504 427 353, दंड विधि अधिनियम 2013-7, उत्तर प्रदेश चिकित्सा परिचर्या सेवाकर्मी और चिकित्सा परिचय सेवा संस्था (हिंसा और संपत्ति की क्षति का निवारण अधिनियम 2013) 3ए, उत्तर प्रदेश चिकित्सा परिचय सेवा कर्मी और चिकित्सा परिचय सेवा संस्था (संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 2013) 3बी के तहत सिपाही दुर्गेश पाठक, एसआई अंजनी कुमार, सिपाही मनोज चैधरी व एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
डाॅक्टरों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए पुलिस ने देर शाम को आरोपी सिपाही दुर्गेश पाठक को गिरफ्तार कर लिया था।