मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आगामी त्योहार, वृक्षारोपण,सड़क सुरक्षा, ज्येष्ठ माह का चौथा मंगल के मद्देनजर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कांफ्रेंसिंग के जरिए अफसरों के साथ करते हुए दिशा निर्देश दिए।
सीएम योगी आदित्यनाथ प्रदेश के सभी आला अधिकारियों सहित गोरखपुर मंडलायुक्त सभागार में मौजूद एडीजी जोन डॉ केएस प्रताप कुमार, कमिश्नर अनिल ढींगरा, डीआईजी गोरखपुर रेंज एस चनप्पा, जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजकरन नय्यर, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी, पुलिस अधीक्षक नगर अभिनव त्यागी,अपर आयुक्त प्रशासन कुंवर बहादुर सिंह, उप निदेशक पंचायती राज हिमांशु शेखर ठाकुर, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र मिश्रा सहित मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी,संभागीय परिवहन अधिकारी सहित अन्य सम्बंधित अधिकारियों से कहा कि आगामी त्यौहार बकरीद ज्येष्ठ माह के चौथे मंगलवार कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत यह समय संवेदनशील है हमें सतर्क-सावधान रहना होगा।
बकरीद का पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हो, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं। शरारतपूर्ण बयान जारी करने वालों के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ कड़ाई से पेश आएं ,माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता की जाए।
पर्व-त्योहार में शासन द्वारा सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। धार्मिक परंपरा व आस्था को सम्मान दें, नई परंपरा न शुरू हो थाना, सर्किल, जिला, रेंज, जोन, मंडल स्तर पर तैनात वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठित जनों के साथ संवाद बनाएं लोगों के लिए सकारात्मक संदेश जारी कराएं।
पीस कमेटी की बैठक कर लें मीडिया का सहयोग लें, ताकि शांति और सौहार्द का माहौल बना रहे।बकरीद पर कुर्बानी के लिए स्थान का चिन्हांकन पहले से ही होना चाहिए, विवादित जगहों पर कुर्बानी नहीं होनी चाहिए तय स्थान के अतिरिक्त कहीं और कुर्बानी नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी न हो।
कुर्बानी के उपरांत अपशिष्ट के व्यवस्थित निस्तारण की कार्ययोजना होनी चाहिये। वृक्षारोपण के लक्ष्य को पूर्ण किया जाए इस वर्ष से लगाए जाने वाले वृक्षों रखरखाव देखभाल सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने को लिए कारगर कदम उठाए जाएं जिससे सड़क दुर्घटनाओं को रोका जाए जिसके लिए संभागीय परिवहन अधिकारी अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन करते हुए कारगर कदम उठाएं।