गोरखपुर

बाढ़ से बचाव के लिए गोरखपुर में हुआ मॉक ड्रिल,ऐसे बचाई गई पीड़ितों की जान

गोरखपुर में बाढ़ से बचाव की तैयारियां जोरों पर हैं। किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिएराष्ट्रीय आपदा प्रबंध (NDMA) के निर्देश पर प्रदेश के 40 जिलों के साथ ही गोरखपुर के रामगढ़ताल में गुरूवार को मॉक ड्रिल हुआ।    

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गोरखपुर में बाढ़ से बचाव की तैयारियां जोरों पर हैं। किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए
राष्ट्रीय आपदा प्रबंध (NDMA) के निर्देश पर प्रदेश के 40 जिलों के साथ ही गोरखपुर के रामगढ़ताल में गुरूवार को मॉक ड्रिल हुआ। इस मॉक ड्रिल में एयरफोर्स की टीम शामिल हुई।

गोरखपुर में मॉक ड्रिल 'आपरेशन अभिजय' के तहत गुरुवार को एनडीआरएफ,एसडीआरएफ,पीएसी एंव 23 विभागों की संयुक्त टीम ने बाढ़ से बचाव के लिए मॉक ड्रिल किया।एसडीआरएफ और एयरफोर्स ने मिलकर हेलीकॉप्टर के जरिए बाढ़ पीड़ितों को बचाने और राहत सामग्री वितरण करने का अभ्यास किया। रामगढ़ताल किनारे दोनों टीमों ने संयुक्त रूप से बोट के जरिए बाढ़ पीड़ितों को बचाने की अभ्यास किया। एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर ने भी हवा से बाढ़ में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर बचाया। हेलीकॉप्टर के जरिए अधिक से अधिक पीड़ितों को राहत सामग्री वितरण करने की भी प्रैक्टिस कराई गई।

गोरखपुर शहर में जलभराव से निजात के लिए प्रयास तेज होने के साथ ही अब जिले में बाढ़ बचाव के कार्य भी तेज कर दिए गए हैं। बाढ़ खंड के सभी अभियंताओं को कार्यों की नियमित निगरानी के साथ ही डीएम ने सीडीओ के नेतृत्व में एक विशेष टीम भी गठित की है।

सीडीओ पहले ही राप्ती नदी के बाएं तट पर स्थित मलौनी बांध, गुर्रा नदी के दाएं तट पर स्थित इटौवा बांध, बरहीपाथ बांध पर तटबंध की सुरक्षा के लिए कटान निरोधक काम, गुर्रा नदी के दाएं एवं राप्ती नदी के बाएं तट पर स्थित बरहीपाथ बांध पर रिसाव को रोकने के लिए फिल्टर निर्माण की परियोजना की जांच करने का निर्देश चुके हैं।


इसी तरह उन्हें राप्ती नदी के बाएं तट पर स्थित छितहरी-थुन्नी तटबंध पर रिसाव के रोकथाम के लिए फिल्टर निर्माण कार्य की परियोजना का निरीक्षण किया गया है।

Published on:
07 Jul 2022 07:06 pm
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