कुख्यात अपराधी विकास दुबे की एनकाउंटर (Vikas Dubey) में मौत के बाद यूपी में उसकी जाति को लेकर राजनीति गर्मा रही है।
गोरखपुर. कुख्यात अपराधी विकास दुबे की एनकाउंटर (Vikas Dubey Encounter) में मौत के बाद यूपी में उसकी जाति को लेकर राजनीति गर्मा रही है। विपक्ष ने इसको लेकर सरकार को घेरना भी शुरू कर दिया है। शुक्रवार को बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी (Satish Dwivedi) ने इसको लेकर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पराधी की कोई जाति नहीं होती है, लेकिन वोट बैंक की राजनीति के लिए विपक्ष ओछी राजनीति कर रहा है। गोरखपुर पहुंचे सतीश द्विवेदी ने कहा कि विकास दुबे ने जितने भी लोगों को मौत के घाट उतारा उसमें से अधिकतर लोग ब्राह्मण ही थे। उन्होंने कहा कि यदि वे ब्रह्मण न भी होते तब भी विकास का अपराध कम नहीं हो जाता। एक अपराधी किसी की सहानुभूति का पात्र नहीं होता है। विकास दुबे के बहाने विपक्ष केवल अपना उल्लू सीधा करना चाहता है।
ब्रजेश पाठक ने भी दिया जवाब-
इससे पहले गुरुरवार को कैबिनेट मेंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि विकास दुबे के मारे जाने के बाद कुछ विपक्ष सरकार को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। सोशल मीडियो पर ब्राह्मणों के नाम पर फर्जी अकाउंट बनाकर सरकार के खिलाफ बयानबाजी का जा रही है। उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस हमारी सरकार पर ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप लगा रही हैं। अच्छा होता अगर ये पार्टियां अपने गिरेबान में झांक कर देख लेतीं। ब्राह्मणों का समर्थन भाजपा को पार्टी के गठन के पहले दिन से ही प्राप्त है। पाठक का दावा है कि बौखलाहट में यह पार्टियां अनावश्यक मुद्दे को भड़काने का काम कर रही हैं।