मंगलवार को गोरखपुर पुलिस के लगभग दो सौ दरोगाओं (2023 बैच) को आज SSP डॉक्टर कोस्तुभ ने सिटीजन पुलिसिंग की बारीकियां सिखाया। इस दौरान उन्होंने कई पॉइंट्स पर मातहतों को अपना बेस्ट देने का निर्देश दिया।
गोरखपुर के पुलिस लाइन सभागार में SSP डॉ. कौस्तुभ ने वर्ष 2023 बैच के उपनिरीक्षकों के साथ विस्तृत बैठक कर उन्हें पुलिस सेवा के मूल दायित्वों, कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारियों तथा जनता के प्रति व्यवहार को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। बैठक में SP सिटी अभिनव त्यागी और SP नॉर्थ ज्ञानेंद्र भी मौजूद रहे।
जनपद के विभिन्न थानों में तैनात करीब 200 उपनिरीक्षक इस दौरान अपनी सेवा दे रहे है। SSP डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी जनता का विश्वास है, और यह विश्वास केवल ईमानदार, निष्पक्ष व संवेदनशील कार्यशैली से ही अर्जित किया जा सकता है।
SSP ने कहा कि तकनीक का उपयोग बढ़ाएं, रिकॉर्ड अपडेट रखें और अपने वरिष्ठ अधिकारियों को समय-समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराते रहें।
उन्होंने सभी नव नियुक्त दरोगाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ करें। किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान करना न केवल अनुचित है बल्कि पुलिस की छवि को भी नुकसान पहुंचाता है।
उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि किसी दोषी व्यक्ति को पकड़ने के बाद उसे अनुचित तरीके से छोड़ने या मामले में ढिलाई बरतने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
SSP ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और अपराधियों के प्रति किसी प्रकार की सहानुभूति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि थाने पर आने वाले फरियादियों से शालीनता से बात करना, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनना और समयबद्ध निस्तारण करना हर पुलिसकर्मी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पुलिस का व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि आम नागरिक खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी लापरवाहियां भविष्य में बड़ी समस्याएं बन जाती हैं, इसलिए ड्यूटी के दौरान सतर्कता बेहद जरूरी है।
बैठक में विवेचना की गुणवत्ता, गिरफ्तारी की प्रक्रिया, महिला एवं कमजोर वर्ग से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, बीट पुलिसिंग, रात्रि गश्त और अपराध नियंत्रण के प्रभावी तरीकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
SP सिटी अभिनव त्यागी ने उपनिरीक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि थाना स्तर पर वही अधिकारी सफल माना जाता है, जो टीम भावना के साथ काम करे और जनता के बीच सकारात्मक छवि बनाए। उन्होंने अनुशासन, समयपालन और बेहतर संवाद को पुलिसिंग की रीढ़ बताया।
SP नॉर्थ ज्ञानेंद्र ने कहा कि क्षेत्र में होने वाली छोटी से छोटी घटना की जानकारी रखना और उस पर त्वरित प्रतिक्रिया देना जरूरी है। अपराध की रोकथाम में सक्रियता ही सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने उपनिरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने की सलाह दी।
बैठक के अंत में SSP डॉ. कौस्तुभ ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने आचरण और कार्यशैली से गोरखपुर पुलिस की प्रतिष्ठा को और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि ईमानदार मेहनत करने वालों को विभाग हमेशा प्रोत्साहित करेगा, लेकिन भ्रष्टाचार या लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं है।