गोरखपुर के अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र ने बताया कि नए वार्डों में संपत्ति कर के लिए भवनों का सर्वे जारी है। दो वार्डों में सर्वे का काम लगभग पूरा हो गया है। इन्हें जल्द नोटिस दिया जाएगा। कॉमर्शियल भवनों से पहले वसूली पर जोर रहेगा
योगी सरकार बनने के बाद गोरखपुर नगर निगम का भी विस्तार शुरू हुआ है। निगम में शामिल नए वार्डों में संपति कर के लिए भवनों का सर्वे जारी है। दो वार्डों हरसेवकपुर और खोराबार में सर्वे का काम लगभग पूरा हो चुका है। इनमें सबसे पहले कमर्शियल भवनों के स्वामियों से संपति कर की वसूली की जाती है।नए वार्डों में वित्तीय वर्ष 2024-25 से ही संपत्ति कर की वसूली होगी। निगम की पहली प्राथमिकता है कि पहले कॉमर्शियल भवनों को नोटिस देकर उनसे वसूली की जाए।
नगर निगम में शामिल 10 नए वार्डों में सर्वे का काम चल रहा है। खोराबार और हरसेवकपुर में सर्वेक्षण एवं जियो टैग का काम लगभग पूरा हो चुका है। इन दोनों वार्डों में 16 हजार संपत्तियां चिह्नित हुई हैं।नगर निगम इनके टैक्स की गणना कर जल्द प्रकाशित कराएगा। इसके बाद इन्हें संपत्ति कर का नोटिस दिया जाएगा। नोटिस पर आने वाली आपत्तियों के निस्तारण के बाद वसूली शुरू की जाएगी।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने नागरिकों से अपील की कि 30 अप्रैल तक संपत्ति कर का बकाया भुगतान करते हुए नियमानुसार छूट का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि यदि बिल नहीं मिला है तो नगर निगम के कंप्यूटर विभाग के काउंटर से बिल प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा नगर निगम की वेबसाइट से भी बिल डाउनलोड कर भुगतान किया जा सकता है।