“स्वस्थ नारी – सशक्त नारी”हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर हॉस्पिटल के प्रतिनिधि, विद्यालय के शिक्षकगण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में भी इस प्रकार के अभियान व्यापक स्तर पर जारी रहेंगे और अधिक से अधिक बालिकाएँ इस जीवनरक्षक टीकाकरण से लाभान्वित होंगी।
विश्वविद्यालय की हीरक जयंती वर्ष के शुभारंभ अवसर पर प्रारंभ किया गया निःशुल्क सर्वाइकल कैंसर बचाव टीकाकरण अभियान अपनी निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। इस अभियान का उद्देश्य समाज की आधी आबादी विशेषकर किशोरियों और युवतियों को जीवनरक्षक एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध कराकर सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम सुनिश्चित करना है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में और विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र के सक्रिय समन्वय से आयोजित इस अभियान का पांचवां चरण दिनांक 4 सितम्बर को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय चरगावाँ एवं खोराबार ब्लॉक की लगभग सौ बालिकाओं को हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर हॉस्पिटल द्वारा प्रदत्त एचपीवी वैक्सीन लगाई गई।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. पूनम टंडन स्वयं विद्यालय पहुँचीं और अभियान का संचालन कराई। टीकाकरण उपरांत कुलपति ने सभी छात्राओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। विश्वविद्यालय का महिला अध्ययन केंद्र, इस अभियान का प्रमुख क्रियान्वयन केंद्र है। केंद्र की टीम ने न केवल अभियान की योजना एवं समन्वयन किया, बल्कि विद्यालयों में जाकर जागरूकता कार्यक्रम, परामर्श सत्र एवं स्वास्थ्य शिक्षा कार्यशालाएँ भी संचालित कीं।
महिला अध्ययन केंद्र लंबे समय से बालिकाओं और महिलाओं के सर्वांगीण विकास, स्वास्थ्य संवर्धन, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और लैंगिक समानता की दिशा में कार्य करता रहा है। इस अभियान के माध्यम से केंद्र ने यह सिद्ध किया है कि नारी स्वास्थ्य ही नारी सशक्तिकरण की आधारशिला है। कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं ने अपनी बहुमुखी प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया।
कक्षा 6 से 8 तक की बालिकाओं ने योगाभ्यास के माध्यम से मानसिक एकाग्रता और शारीरिक क्षमता का परिचय दिया। वहीं, ताईक्वांडो प्रदर्शन ने छात्राओं की आत्मरक्षा और युद्धकौशल की उत्कृष्ट मिसाल प्रस्तुत की।कुलपति ने छात्राओं द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित क्राफ्ट का अवलोकन किया और उनकी रचनात्मकता व परिश्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं और उन्हें जीवन में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती हैं।
कार्यक्रम में महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो. दिव्या रानी सिंह सहित केंद्र की टीम, तथा
अभियान की सफलता में अनेक विशेषज्ञों, शोधार्थियों और सहयोगियों का योगदान रहा। जिनमें
सीरम वैक्सीन से: अवधेश सिंह, हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर हॉस्पिटल से: आयुष श्रीवास्तव, विश्वविद्यालय शिक्षिका डॉ. अनुपमा कौशिक, डॉ. प्रीति गुप्ता, गर्गी पांडेय, गृह विज्ञान विभाग के शोधार्थी: शिवांगी, कीर्ति, कविता, अर्चिता, वार्डन एवं सहयोगी स्टाफ: प्रियंका चौरसिया, मंजुलता पांडेय, अथर नसीम, रीता यादव, सीमा सिंह, मीनाक्षी तिवारी, श्रेया रानी शुक्ला, गुड़िया कुशवाहा, अर्चिता, ताईक्वांडो प्रशिक्षक: दुर्गेश पासवान रहे।
सभी के सक्रिय सहयोग और समर्पण से यह अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर हॉस्पिटल के प्रतिनिधि, विद्यालय के शिक्षकगण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में भी इस प्रकार के अभियान व्यापक स्तर पर जारी रहेंगे और अधिक से अधिक बालिकाएँ इस जीवनरक्षक टीकाकरण से लाभान्वित होंगी।