गोरखपुर में बुधवार की सुबह कई स्थानों पर सिविल डिफेंस ने युद्ध जैसी आपात स्थिति में रेस्क्यू करने का कई जगहों पर प्रदर्शन किया। भारतीय वायुसेना के "ऑपरेशन सिंदूर" के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। बुधवार की रात में एयर स्ट्राइक के बाद ब्लैक आउट का भी रिहर्षल किया जाएगा।
गोरखपुर जिले के सरस्वती विद्या मंदिर आर्य नगर में बुधवार की सुबह प्रार्थना के बाद अचानक हवाई हमले का सायरन बज उठा। यहां पर अचानक विमानों से बमबारी के बाद छात्रों ने घायलों को रेस्क्यू किया। पूरी तैयारी युद्ध जैसी थी। यह सारी कवायद सिविल डिफेंस के जरिए आयोजित मॉक ड्रिल की थी।
भारत और पाकिस्तान के बीच उपजे तनाव के बीच मॉक ड्रिल का आयोजन सिविल डिफेंस ने किया । सिविल डिफेंस की कोतवाली प्रखंड की टीम ने छात्रों को राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी दी। इस दौरान छात्रों को हमले के सायरन, हमला खत्म होने के सायरन के अंतर बताए गए। उन्हें हवाई हमले के दौरान बमबारी होने पर बचने के तरीके सिखाए गए।इसके अलावा हमला होने पर घायलों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक शिफ्ट करने के तरीकों की भी जानकारी सिविल डिफेंस की टीम ने दी। इस दौरान छात्रों ने अपनी कुशलता का भी परिचय दिया।
बुधवार को गोरखपुर में एयर रेड और ब्लैकआउट मॉकड्रिल आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य युद्धकालीन परिस्थितियों में आमजन को जागरूक करना, आपात सेवाओं की प्रतिक्रिया का परीक्षण करना और प्रशासनिक तत्परता को परखना है। इस मॉकड्रिल के दौरान शहर की विद्युत आपूर्ति को नियंत्रित रूप से बंद किया जाएगा। सभी घरों, प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थानों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने प्रकाश स्रोत बिजली, इनवर्टर, जनरेटर, या बैटरी लाइट को पूर्ण रूप से बंद रखें ताकि कोई भी प्रकाश बाहर न जा सके और शहर पूर्ण रूप से अंधेरे में डूबा दिखे, जैसा कि किसी हवाई हमले की आशंका में होता है।