गोरखपुर

बसपा-माकपा के बाद ये दोनों दल भी आए समाजवादी पार्टी के साथ

गोरखपुर उपचुनावः एक के बाद एक विरोधी दल आ रहे समाजवादी पार्टी के साथ

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mayawati

गोरखपुर। उपचुनाव में सत्ताधारी भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ विपक्ष समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के साथ आता जा रहा। बसपा के बाद अब रालोद व पूर्वांचल सेना ने भी समाजवादी पार्टी के समर्थन का ऐलान किया है। माकपा ने भी सपा प्रत्याशी को समर्थन दे दी है। जबकि निषाद दल और पीस पार्टी ने पहले से ही साथ है।
मंगलवार को राष्ट्रीय लोकदल ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के समर्थन का ऐलान किया। रालोद पूर्वी जोन के अध्यक्ष गंगा सिंह सैंथवार व जिलाध्यक्ष रमेश सिंह सैंथवार ने बताया कि लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चैधरी के निर्देश पर समाजवादी पार्टी को समर्थन देने का ऐलान किया गया है।
नेताद्वय ने कहा कि वर्तमान समय में फर्जी नारों, झूठे वादों से जनता को भ्रमित करके सत्ता हासिल करने का कुचक्र रचा जा रहा है। जनादेश का मजाक उड़ा कर तानाशाही से सत्ता छीन ली जा रही है। राज्यों में लोकतंत्र की हत्या कर सत्ता पर काबिज होने का दौर चल रहा। येनकेन प्रकारेण कुर्सी हथियाने के लिए भाजपा किसी से भी समझौता करने को बेताब है। पूरी तरह से लोकतंत्र मुक्त भारत की स्थापना की जा रही है। इस स्थिति में सभी राजनैतिक दलों का फर्ज बनता है कि लोकतंत्र का गला घोंटने वाली इन राष्ट्र विरोधी ताकतों के विरुद्ध एकजुट होकर देश को बर्बाद होने से बचाएं।

पूर्वांचल सेना के नौजवान भी आए समर्थन में

पूर्वांचल सेना ने भी समाजवादी पार्टी का साथ देने का फैसला किया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि तानाशाही से मुक्ति पाने के लिए वे लोग उपचुनाव में सपा उम्मीदवार प्रवीण निषाद को समर्थन देने का निर्णय लिए हैं। कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए बीजेपी की तानाशाही को समाप्त करना होगा और वर्तमान में ऐसी तानाशाही के खिलाफ गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा में हो रहे उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को बहुजन समाज पार्टी द्वारा समर्थन देने के साथ-साथ पूर्वांचल सेना भी अपना समर्थन व्यक्त करती है ताकि देश में व्याप्त निरंकुशता और तानाशाही सत्ता के खिलाफ एकता का ऐतिहासिक माहौल बने।

Updated on:
07 Mar 2018 03:43 am
Published on:
07 Mar 2018 08:08 am