विश्व छात्र एवं युवा संगठन के इस दो दिवसीय कार्यक्रम कुल छह सत्रों में विभाजित था जिसमें पहले दिन उद्घाटन सत्र के बाद एक और विशेष सत्र चला जिसमें विजन डिजिटल इंडिया के तत्वावधान में एआई स्टार्टअप विषय पर विशेष सत्र संचालित हुआ।
विश्व छात्र एवं युवा संगठन (WOSY), मेटा एवं दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहे दो दिवसीय 'ग्लोबल आर्टिफिशियल इटलंटेलीजेंस कॉन्फ्लुएंस 2026' का समापन शनिवार को गुरु गोरक्षनाथ शोध पीठ के सभागार में हुआ जिसमें भारत के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विदेशी मूल के 180 विद्यार्थी प्रतिभागी प्रतिभाग किए। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में नेपाल के नव निर्वाचित सांसद संदीप राणा, अभाविप के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री बालकृष्ण,WOSY के चेयरपर्सन नितिन शर्मा, और WOSY महामंत्री शुभम गोयल उपस्थित रहें।
दूसरे दिन कुल चार सत्र संचालित हुए जिसमें पहले सत्र में 'एक सुलभ भविष्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता' में देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, आई.आई.आई.टी लखनऊ के डायरेक्टर डॉ.अरुण मोहन शेरी, इंटेल इंडिया में एआई के एसओसी लीड के डॉ. मनीष पांडेय, डिजिटल ओवल के संस्थापक मनु शर्मा,प्रो. विवेक मिश्रा की उपस्थिति रही।
दूसरे सत्र 'एआई के युग में संस्कृति एवं शिक्षा' में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल्स, नोएडा के प्रो.नीलिमा मिश्रा, जेएनयू विश्वविद्यालय, व ट्रैवोन.एआई के संस्थापक राहुल पोद्दार की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ, ऐसे ही तीसरे सत्र 'उद्यमिता एवं एआई' में प्रख्यात तकनीकी विशेषज्ञ एवं नीति निर्माता डॉ.ओमकार राय, स्कॉलर्स डेन के प्रबंध निदेशक विवेक ठाकुर, वॉक्सऑरा लैब्स, बेंगलुरु के संस्थापक प्रभाकर श्रीनिवासन की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इस सत्र में एआई के सकारात्मकता के साथ नकारात्मकता पर गहन चर्चा हुई।
जिसके पश्चात समापन सत्र आयोजित हुआ जिसमें नेपाल के नव निर्वाचित सांसद संदीप राणा, अभाविप के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री बालकृष्ण, WOSY के चेयरपर्सन डॉ. नितिन शर्मा व WOSY के राष्ट्रीय महामंत्री शुभम गोयल उपस्थित रहें। इसी के साथ 26 देशों से आए विद्यार्थी ने अपने अपने देशों की संस्कृति और सभ्यता का प्रदर्शन अपने यहां के लोक नृत्य के माध्यम दर्शाया। मोरक्को से आए हुए प्रतिभागियों ने अपना लोक नृत्य शिखात, बांग्लादेश से आए प्रतिभागियों ने नाग नृत्य प्रस्तुत किया।
समापन समारोह में वर्चुअल माध्यम से नेपाल के नव निर्वाचित सांसद संदीप राणा ने कहा कि एआई कॉन्फ्लुएंस में सम्मिलित होकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता वैश्विक प्रतिस्पर्धा, शिक्षा और उद्यमिता को नई दिशा दे रही है, जहां पहले सीमित संसाधन, भौगोलिक बाधाएं और पूंजी की कमी चुनौतियां थीं, वहीं आज डेटा, एल्गोरिद्म और डिजिटल प्लेटफॉर्म इन सीमाओं को समाप्त कर नवाचार के नए अवसर प्रदान कर रहे हैं।
परंतु इसके साथ ही भ्रामक जानकारी, डेटा गोपनीयता और रोजगार में परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौतियां भी सामने आई हैं, जिनसे निपटने के लिए हमें तकनीक का उपयोग जागरूकता, नैतिकता और आलोचनात्मक सोच के साथ करना होगा। युवा उद्यमियों और नेताओं को चाहिए कि वे एआई को मानव मूल्यों और सामाजिक न्याय के साथ जोड़ें, ताकि तकनीक मानवता की सेवा में सहायक बने।
नेपाल, अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्व प्रसिद्ध है—काठमांडू और लुम्बिनी जैसे पवित्र स्थल इसकी पहचान हैं ,और मैं आप सभी को नेपाल आने के लिए सादर आमंत्रित करता हूँ। अंततः, एआई का भविष्य हमारे आज के निर्णयों पर निर्भर करता है, इसलिए आइए हम मिलकर एक जिम्मेदार और मानवीय तकनीकी युग का निर्माण करें।
अभाविप के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री बालकृष्ण ने कहा कि आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है, जिससे विद्यार्थियों को सीखने के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं और वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए अधिक सक्षम बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि एआई के माध्यम से जटिल समस्याओं का समाधान आसान हुआ है, वहीं डिजिटल प्लेटफॉर्म और डेटा के उपयोग से उद्यमिता को भी नई दिशा मिली है।
हालांकि, इसके साथ ही भ्रामक जानकारी, डेटा गोपनीयता, तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता और रोजगार के बदलते स्वरूप जैसी चुनौतियां भी सामने आई हैं। श्री बालकृष्ण जी ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे एआई का उपयोग जागरूकता, नैतिकता और आलोचनात्मक सोच के साथ करें तथा अपने ज्ञान, संस्कार और रचनात्मकता को सशक्त बनाएं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि तकनीक हमारे लिए एक साधन है, न कि हमारा स्वामी, और आने वाला समय उन्हीं युवाओं का होगा जो तकनीक के साथ-साथ अपने मानवीय मूल्यों को भी बनाए रखेंगे।
विश्व छात्र एवं युवा संगठन के अध्यक्ष नितिन शर्मा ने कहा कि ‘ग्लोबल एआई कॉन्फ्लुएंस 2026’ जैसे मंच युवाओं को नवाचार, तकनीक और वैश्विक दृष्टिकोण से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज विश्व को नई दिशा दे रही है और ऐसे में विद्यार्थियों एवं युवा उद्यमियों के लिए यह आवश्यक है कि वे इस तकनीक को सीखें, समझें और समाजहित में उसका उपयोग करें।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कॉन्फ्लुएंस प्रतिभागियों के ज्ञान, कौशल और नेतृत्व क्षमता को सशक्त करेगा तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेगा। साथ ही उन्होंने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
कार्यक्रम में अभाविप के क्षेत्रीय छात्रा कार्य प्रमुख प्रो सुषमा पाण्डेय, क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही, विश्व छात्र एवं युवा संगठन की राष्ट्रीय संयोजिका निखिता रेड्डी,अंतरराष्ट्रीय सचिव यशोराज पांडेय, अंतरराष्ट्रीय सचिव कुशल बोसामिया आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहें।