उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में रिश्तों को तार-तार कर देने का मामला सामने आया है। 9 दिसंबर को अपने घर से अचानक गायब हुए छह वर्षीय पीयूष का घटना के तीन दिन बाद शव मिलने से परिवार में कोहराम छा गया है।
महाराजगंज. उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में रिश्तों को तार-तार कर देने का मामला सामने आया है। 9 दिसंबर को अपने घर से अचानक गायब हुए छह वर्षीय पीयूष का घटना के तीन दिन बाद शव मिलने से परिवार में कोहराम छा गया है। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने रविवार सुबह सदर कोतवाली पहुंचकर एनएच 730 गोरखपुर फरेंदा हाईवे को जाम कर धरने पर बैठ गए। इस दौरान लोगों ने पुलिसकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री से बात कर न्याय मांगने की बात कही। सूचना पाकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाया लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश यादव के साथ परिजन डीएम से मिलने गए। यहां लोगों से बातचीत के बाद आरोपी नाबालिग का बयान सुनाया गया। इसके बाद लोगों को भरोसा हुआ।
नाबालिग चाचा ने किया था अपहरण
9 दिसंबर को महाराजगंज के बांसपार बेजौल निवासी दीपक कुमार के 6 वर्षीय बेटे पीयूष का अपहरण किया गया था। अपहरण करने वाला व्यक्ति बच्चे का चाचा है और वह नाबालिग है। आरोपी चाचा ने घर में पत्र लिखकर छोड़ा था जिसमें उसने परिवार से 50 लाख की फिरौती मांगी थी। रकम न मिलने पर उसने बच्चे की हत्या कर दी। आरोपी की पहचान उसकी हैंडराइटिंग से की गई। पुलिस ने हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से जांच कराई जिसमें सभी सदस्यों के नमूने लिए गए।इसमें नाबालिग चाचा की राइटिंग से मैच हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पीयूष के अपहरण की बात कबूली। पुलिस टीम ने सघन चेकिंग की और घर से 100 मीटर दूर खेत में बच्चे की लाश मिली। पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने कहा कि गहन जांच के बाद ही आरोपी को पकड़ा गया है। इसके अलावा सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
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