
गोरखपुर. पुलिस की पिटाई से कारोबारी मनीष गुप्ता (Manish Gupta) की मौत के मामले में छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है, तो वहीं तीन के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने मनीष की मौत पर दुख जताया है व परिवार के लिए दस लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मामले में गोरखपुर के गोरखपुर एसएसपी डा. विपिन ताडा ने बताया कि मामले में इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, चौकी प्रभारी फलमंडी अक्षय मिश्रा सहित छह पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया था। साथ ही मामले की जांच एसपी नार्थ को सौंपी थी। एसएसपी का कहना था कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों की तहरीर पर तीन पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज किया है।
क्या है मामला-
सोमवार को गुरुग्राम से दो दोस्तों - प्रदीप कुमार (32) और हरवीर सिंह (35) के साथ कानपुर के रियल इस्टेट कारोबारी मनीष गुप्ता गोरखपुर घूमने आए थे। यह तीनों रामगढ़ताल इलाके के तारामंडल स्थित होटल कृष्णा पैलेस के तीसरे फ्लोर पर कमरा नंबर 512 में दोस्त ठहरे थे। आरोप है कि सोमवार रात 12:04 बजे रामगढ़ताल पुलिस होटल में आ धमकी। वह उनसे पहचान पत्र की मांग करने लगी। इसपर प्रदीप व हरवीर ने उन्हें अपना-अपना पहचान पत्र दिखा। इस दौरान मनीष सो रहा था, तो इन लोगों ने उससे भी पूछा। आरोप है कि इसका मनीष ने विरोध किया और तभी पुलिस ने उसकी पिटाई कर दी, जिससे उसको गंभीर चोटें आ गई।
मनीष को अकेले भेजा एंबुलेंस से-
पुलिस ने मनीष को एंबुलेंस में अकेले ही बीआरडी मेडिकल कालेज भेज दिया। दोस्तों का साथ जाने से मना कर दिया। बाद में मनीष ने दम तोड़ दिया। सूचना जब मनीष को पत्नी को हुई तो वह ससुरालीजनों के साथ अस्पताल पहुंची और पुलिसकर्मियों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला नहीं दर्ज किया तो वह धरने पर बैठ गई। अंत में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।