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यूपी की वांटेड 25 हजार की इनामिया सस्पेंड BSA गिरफ्तार, इस मामले में 118 दिनों से थीं फरार 

Police Arrest Suspended BSA: देवरिया में कार्यरत शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह सुसाइड केस में नामजद और लंबे समय से फरार चल रहीं निलंबित BSA शालिनी श्रीवास्तव को मंगलवार को गुलरिहा पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।

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वांटेड सस्पेंड BSA गिरफ्तार (सोर्स:पत्रिका)

गोरखपुर पुलिस ने मंगलवार को बड़ी सफलता हासिल करते हुए 3 महीने 26 दिन बाद देवरिया जिले में पोस्ट शिक्षक सुसाइड केस में सस्पेंड और आरोपी बनाए जाने के बाद फरार चल रहीं 25 हजार रुपए की इनामी BSA शालिनी श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है। गोरखपुर की गुलरिहा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है।

बता दें कि इस साल 22 फरवरी को मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही शालिनी श्रीवास्तव लगातार पुलिस को चकमा दे रही थीं।उनके खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट भी जारी कर रखा था, लेकिन शिक्षक सुसाइड केस में आरोपी बीएसए ऑफिस का बाबू संजीव सिंह अब भी फरार बताया जा रहा है।

यह है पूरा मामला

कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के हरैया बुजुर्ग के रहने वाले कृष्ण मोहन सिंह गौरीबाजार विकास खंड स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन में सहायक अध्यापक थे। वह गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज में अपने भाई के यहां रहते थे। 20 फरवरी की रात उन्होंने फंदा लगा कर सुसाइड कर लिया था। 

मृतक की पत्नी ने तहरीर में सस्पेंड BSA, लिपिक पर लगाए गंभीर आरोप

22 फरवरी को उनकी पत्नी गुड़िया सिंह ने गुलरिहा थाने में तहरीर देकर निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। तहरीर में कहा गया था कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के नाम पर कृष्ण मोहन सिंह से 16 लाख रुपयों की मांग की गई, रकम देने के बाद भी लेकिन इसके बाद भी आरोपितों की ओर से लगातार धन की मांग और मानसिक प्रताड़ना जारी रही।

सुसाइड से पहले टीचर ने सुसाइड नोट और वीडियो में ठहराया था जिम्मेदार

सुसाइड करने से पहले उन्होंने BSA शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह समेत अन्य लोगों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए सुसाइट नोट और वीडियो भी जारी किया था। जांच में दोषी मिली बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह को निलंबित कर दिया गया था। वहीं बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले पूर्व प्रधानाचार्य को गोरखपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।पुलिस ने पहले दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 25-25 हजार रुपये कर दिया गया। 

निमिष पाटिल, SP सिटी गोरखपुर

उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें बलिया, प्रयागराज, लखनऊ और देवरिया समेत विभिन्न स्थानों पर लगातार दबिश दे रही थीं। एसपी सिटी गोरखपुर निमिष पाटिल ने बताया कि शालिनी श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा। वही इस चर्चित मामले में आरोपी बीएसए कार्यालय का लिपिक संजीव सिंह अभी भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।