मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ऐलान, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के साथ गोरखपुर आए थे मुख्यमंत्री
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के हर जिले में एक गोसदन का निर्माण कराया जाएगा। यहां पांच हजार से दस हजार गोवंश रखे जाएंगे। इन गोसदनों की देखरेख का खर्च सरकार उठाएगी। पूरी इंफ्रांस्ट्रक्चर खड़ी करने के बाद सरकार कर्मचारी रखकर इन गो सदनों का संचालन कराएगी लेकिन नागरिकों का भी कर्तव्य है कि वे गोमाता की सेवा और रक्षा करें। प्रत्येक घर में कम से कम एक गाय अवश्य होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ व ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित ‘भारतीय संस्कृति में गो सेवा का महत्व’ विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के साथ गोरखपुर पहुंचे। गोरखनाथ मंदिर में गुरूओं का आशीर्वाद लेने के बाद मुख्यमंत्री और राज्यपाल सीधे कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में जब हमारी सरकार बनी तो हमने बूचड़खाने बंद कराए। अब दूसरे चरण में गौशाला जिलेवार खोले जाएंगे। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत में गोवंश की परम्परा हमारे धर्म और संस्कृति की प्रतीक है। अगर प्रतीक नहीं रहेंगे तो धर्म कहां से रहेगा, यह विचार करना होगा।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश की आबादी तेईस करोड़ की है लेकिन यहां गोवंश सिर्फ चार करोड़ हैं। साढ़े पांच लोगों पर एक गोवंश है। हमें अपनी संस्कृति और धर्म के लिए भी गौ पालन करना होगा। यदि एक परिवार एक गोवंश का पालन कर ले तो इनका संरक्षण एवं संवर्धन सहजता के साथ हो सकेगा। गाय हमारी आस्था और आजीविका की प्रतीक भी होगी।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत का माॅडल अपनाएंगे
मुख्यमंत्री ने हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के गौरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों की तारीफ करते हुए कहा कि जैसे देशी गाय के नस्ल का सुधार का कार्यक्रम हिमाचल के आचार्य देवव्रत ने संचालित कर 10 किलोग्राम दूध देने वाली देशी गाय 24 किलोग्राम तक दूध देने वाला बनाया। उसी तरह गो-सदन भी समाज की मदद से नस्ल सुधार के कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आचार्य देवव्रत के जीरो बजट की प्राकृतिक खेती के शोध की चर्चा करते हुए कहा कि इसे अपना कर भारत उन्नत्ति के नए मार्ग पर चल सकेगा। भारतीय नस्ल के गो-वंश की उपयोगिता किसी अन्य नस्ल की तुलना में कितना ज्यादा है, आचार्य देवव्रत ने अपने प्रयोगों से साबित किया है। इनके सुझाए मार्ग का अनुसरण कर भारत को स्वावलम्बन की ओर, गांव को समृद्धि की ओर अग्रसर किया जा सकता है। गांव-गरीब के चेहरे पर खुशहाली लाई जा सकती है। और इन सब का आधार गो-माता बन सकती है।