
CM Yogi Adityanath:उत्तर प्रदेश में बाढ़, ओलावृष्टि और चक्रवात से फसल बर्बाद होने के बाद किसानों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 493 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी की है। यह रकम 9 लाख से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए भेजी गई है। राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, 1 अप्रैल से 9 अक्टूबर तक प्रदेश में 9,18,091 किसानों की फसल खराब होने की पुष्टि हुई है। सरकार इससे पहले भी प्रभावित किसानों की मदद के लिए जिलों को 169 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है।
उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से फसल खराब होने के बाद किसानों को आर्थिक मदद दी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित किसानों के लिए 493 करोड़ रुपये की कृषि निवेश अनुदान राशि जारी की है। यह पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा गया है। इससे किसान फसल खराब होने के बाद अगली बुवाई और खेती के जरूरी खर्चों की तैयारी कर सकेंगे।
प्रदेश में पिछले डेढ़ महीने के दौरान भारी बारिश, ओलावृष्टि, चक्रवात और बाढ़ से फसलों को नुकसान पहुंचा है। सितंबर के आखिरी सप्ताह में आए अर्नव चक्रवात से सबसे ज्यादा नुकसान होने की बात कही गई है। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, 1 अप्रैल से 9 अक्टूबर तक प्रदेश में 9,18,091 किसानों की फसल खराब होने की पुष्टि हुई है। इन किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने 493 करोड़ रुपये जारी किए हैं। बाढ़ का पानी उतरने के बाद फसल नुकसान की भरपाई के लिए कृषि निवेश अनुदान देने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
सरकार ने यह सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी है। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को यह रकम खेती में हुए नुकसान से उबरने में मदद कर सकती है। किसान इस पैसे का इस्तेमाल बीज, खाद और अगली फसल की तैयारी जैसे जरूरी कामों में कर सकते हैं। किसान को कितनी सहायता मिलेगी, यह फसल के नुकसान के आकलन और सरकारी नियमों के आधार पर तय किया जाता है।
प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों की मदद के लिए सरकार पहले भी जिलों को 169 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, इस राशि में से अब तक 1,29,326 किसानों को 78.75 करोड़ रुपये की मदद दी जा चुकी है। बाकी पात्र किसानों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है।
सरकार का कहना है कि फसल नुकसान का आकलन करने के बाद पात्र किसानों को आर्थिक मदद दी जा रही है, ताकि वे नुकसान के बाद दोबारा खेती शुरू करने की तैयारी कर सकें।
प्राकृतिक आपदाओं से कई परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। कुछ लोगों को पशुओं या परिजनों के नुकसान का भी सामना करना पड़ता है। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, ऐसे प्रभावित परिवारों को भी आर्थिक सहायता दी गई है। इस मद में अब तक 225.93 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं।