गोरखपुर में बैठक कर शिक्षकों ने लिया निर्णय
बीटीसी व बीएड कर प्राइमरी/जूनियर विद्यालयों में सेवारत शिक्षकों की बैठक हुई। 2012 से 2018 तक भर्ती ऐसे शिक्षक जिनके बीटीसी या बीएड परिणाम टीईटी परिणाम के बाद आया है ऐसे शिक्षकों पर कोर्ट के फैसले पर इन शिक्षकों ने चिंता जताते हुए अपनी बात सुप्रीम कोर्ट में रखने का निर्णय लिया।
शहर के पंतपार्क में हुई गणित/विज्ञान शिक्षकों एवं हाइकोर्ट के आदेश से प्रभावित शिक्षक भर्तियों के शिक्षकों बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रवीण कुमार मिश्र ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश अनुसार वर्ष 2012 से 2018 तक बीटीसी और बीएड करने वाले शिक्षकों की नौकरी पर संकट के बादल मंडरा गये है। जिन शिक्षकों का बीएड एवं बीटीसी का परिणाम उनके टीईटी परिणाम के बाद आया है, कोर्ट ने ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति को अमान्य करार दिया है। उन्होंने बताया कि कोर्ट के इस आदेश से प्रदेश की 29000 गणित विज्ञान, 15000 बीटीसी, 16000 बीटीसी , 10800 बीटीसी, 12460 बीटीसी समेत पचास हजार से अधिक भर्तियां प्रभावित हुई हैं। हालांकि, विभाग को शासन की तरफ कोई आदेश अभी तक प्राप्त नही हुआ है। लेकिन शिक्षकों को अपना पक्ष रखने के लिए तैयार रहना होगा।
शिक्षकों ने बैठक में निर्णय लिया कि कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ शिक्षक माननीय उच्चतम न्यायालय से गुहार लगाएंगे, इसके लिए समुचित इंतजाम व तैयारी की जाए।
बेसिक शिक्षक परिवार एसोसिएशन के महामंत्री हरिकेश सिंह ने बताया कि इस आदेश के खिलाफ संगठन चार एसएलपी फाइल करेगा और इसमें अभी तक हुई भर्तियों को भी शामिल किया जायेगा। 29334 गणित विज्ञान भर्ती में ऐसे कई शिक्षको की नियुक्ति को अमान्य बताकर शिक्षकों की टेंशन बढ़ा दी है ।
कुशीनगर से आये शिक्षक दीपेश सिंह ने बताया भर्ती के समय ऐसा कोई नियम नही था। बैठक में शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि शासन की तरफ से जल्द ही इस आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में पक्ष नही रखा गया तो शिक्षक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
बैठक में मानवेन्द्र सोनकर, गरिमा राय, संगम कुमार, संजय पाण्डेय, संजीव, अल्पना, निशा आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।