Flood In Gorakhpur: गोरखपुर के डीएम विजय किरन आनंद का कहना है कि भयभीत होने की जरूरत नहीं है। बाढ़ वाले इलाकों में राहत-बचाव कार्य चल रहा है।
Flood In Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में राप्ती समेत छह नदियां ऊपर पर हैं। इन नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। राप्ती खतरे के निशान से 1.59 मीटर ऊपर बह रही है तो वहीं रोहिन नदी खतरें के निशान से 2.44 मीटर ऊपर बह रही है।
लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित
बताया जा रहा है कि रोहिन नदी के बांधों से पानी का रिसाव शुरू हो गया है। कई इलाकों में कटान का भी खतरा बना हुआ है। कई गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। गोरखपुर जिला प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक जिले के सात तहसीलों के 179 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इन गांवों में रहने वाले करीब 1,88,180 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा हजारों हेक्टेयर फसल पानी में जलमग्न होकर बर्बाद हो गए हैं।
डराने वाले हैं जल आयोग के आंकड़े
वहीं केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी किया गया आंकड़ा डराने वाला है। अगर 99 सेंटीमीटर और जलस्तर में बढ़ोत्तरी होता है तो बाढ़ जैसे हालात हो जाएंगे। बताया जा रहा है कि अगर जलस्तर बढ़ा और मौसम ऐसे ही बना रहा तो गोरखपुर में 1998 में आई बाढ़ जैसे हालात फिर से हो जाएंगे। वहीं राप्ती नदी का जलस्तर भी काफी बढ़ गया है। शहर से सटे डोमिनगढ़ पुल के आस-पास कटान देखने को मिला है। तेज बहाव वाला पानी रेलवे ट्रैक छूने को बेताब दिख रहा है।
भयभीत होने की जरुरत नहीं- डीएम
गोरखपुर के डीएम विजय किरन आनंद का कहना है कि भयभीत होने की जरूरत नहीं है। बाढ़ वाले इलाकों में राहत-बचाव कार्य चल रहा है। नदियों के बांधों की लगातार निगरानी की जा रही हैं। जहां-जहां बांधों से रिसाव हो रहा है, उसे बंद कराया जा रहा है।