
ग्रेटर नोएडा। 25 साल BJP का दामन थामकर राजनीति करने वाले मनोज गोयल ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की साइकिल थाम ली है। उधर, समाजवादी पार्टी के लिए भी यह एक अच्छा मौका माना जा रहा है। दरअसल, दादरी में वैश्य और ब्राह्मण वोटरों को जीत के लिए अहम माना जाता है। मौके को भुनाने के लिए पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी पीछे नही रहे। अखिलेश यादव ने उन्हें लखनऊ बुलाकर Dadri Nagar Palika Parishad के अध्यक्ष का टिकट सौंप दिया है। वहीं, इसे भाजपा के लिए करारा झटका भी माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि मनोज गोयल के सपा से मैदान में उतरने के बाद समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
Akhilesh Yadav ने बुलाया था लखनऊ
समाजवादी पार्टी के नेता विक्रम ठेकेदार के दादरी नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष का चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन चुनाव से कुछ समय पहले सपा ने समीकरण बदल दिए हैं। मनोज गोयल ने बताया कि व्यापारियों का सम्मान करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उन्हें बुलाया था। सपा (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर, जिला प्रभारी फकीरचंद नागर, वरिष्ठ नेता राजकुमार भाटी, विक्रम ठेकेदार, बिजेंद्र भाटी और नरेंद्र नागर से सहमति मांगी गई थी। सपा नेता खुद उन्हें लखनऊ लेकर पहुंचे थे। वहां अखिलेश यादव ने उन्हें दादरी नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया।
भाजपा के लिए करारा झटका
चुनाव से पहले मनोज गोयल का सपा से नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ना भाजपा (Bhartiya Janta Party) के लिए झटका माना जा रहा है। दरअसल, मनोज गोयल ने दादरी में व्यापारियों से मांगी जाने वाली रंगदारी के विरोध में बदमाशों के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। हालांकि बाद में उन पर बदमाशों ने गोलियां चलाई थीं। इस घटना में व्यापारी नेता विनोद अग्रवाल की मौत तक हो गई थी, जबकि मनोज गोयल घायल हो गए थे।
भ्ााजपा के रहे हैं सक्रिय सदस्य
44 साल के मनोज गोयल भाजपा के सक्रिय सदस्य रहे हैं। मनोज गोयल 19 साल की उम्र में बीजेपी से जुड़ गए थे। बजरंग दल में जिला संयोजक और विश्व हिंदू परिषद में जिला मंत्री रहे मनोज गोयल 2013 में राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल हो गए। वो दादरी व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष भी हैं। दादरी नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष पद के लिए मनोज गोयल ने अपनी दावेदारी ठोकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 10 दिन पहले वो केंद्रीय मंत्री डॉक्टर महेश शर्मा से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उनके साथ में अभद्र व्यवहार किया गया। विरोध में व्यापारियों ने महेश शर्मा के खिलाफ मीटिंग भी की थी।