
ग्रेटर नोएडा. ITBP के शहीद जवानों के परिजनों को केन्द्र सरकार अब एक करोड़ रुपए की सहायता राशि देगी। इसकी घोषणा मंगलवार को केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आईटीबीपी के 56वें स्थापना दिवस के अवसर सूरजपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान की। अभी तक सहायता राशि के रूप में 40 से 60 लाख रुपए दिए जाते थे। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत लगातार बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने सीमावर्ती एरिया में दोनों देशों के बीच में दोस्ताना व्यवहार भी जवानों को बनाने के लिए कहा। इस मौके पर आईटीबीपी के डीजी आरके पचनंदा ने मौजूद अतिथियों को स्वागत किया। साथ ही उन्होंने आईटीबीपी के जवानों की विभिन्न उपलब्धियों और क्रियाकलापों पर भी प्रकाश डाला।
सूरजपुर स्थित आईटीबीपी के 56वें स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कार्क्रम में आईटीबीपी की 39वीं वाहिनी की तरफ से आयोजित परेड की सलामी केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ली। इस दौरान उन्होंने जवानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश के पर्वतों से घिरी अति कठिन दुर्गम चौकियों पर उत्साह के साथ सेवा करते हैं। गृह मंत्री ने आईटीबीपी की तरफ से महिला सशक्तिकरण, डिजिटल इंडिया , स्वच्छ भारत अभियान और विश्व योग दिवस पर सक्रिय भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि बॉर्डर पर तैनात जवानों को ट्रेनिंग के दौरान अब चीनी भाषा भी सिखाई जाएगी। ताकि बॉर्डर पर तैनात दोनों देशों के जवानों की बीच फ्रेंडली माहौल बन सके। इस दौरान उन्होंने आईटीबीपी के काम को सराहते हुए कहा कि केंद्र गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि शहीद के परिवार को सहायता के रूप में 1 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।
इस मोके पर आईटीबीपी जवानों ने एक से बढ़कर करतब दिखाकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों को हैरान कर दिया। इसके साथ ही दुश्मनों से सीमा पर किस तरह जवान सबक सिखाते यह भी जवानों ने दिखाया। परेड में महिला की टुकड़ी सबसे आगे थी। इसके बाद कमांडो, स्कीइंग, पर्वतारोहण दल, एन्टी नक्सल ऑपरेशन, पैराटूपर्स माउंटेंड एवं अन्य फ्रंटियरों की टुकड़ियां शामिल थीं। 2017 के लिए बल की 38वीं वाहिनी को सर्वश्रेष्ठ नॉन बॉर्डर बटालियन तथा प्रथम वाहिनी को ओवरऑल सर्वश्रेष्ठ वाहिनी घोषित किया गया और उन्हें शील्ड दी गई। परेड के दौरान जांबाज़ व महिला कार्मिकों द्वारा हथियार के साथ साइलेंट ड्रिल का भी प्रदर्शन किया गया।