Highlights . 1999 से खेलनी शुरू की थी कुश्ती. दिल्ली पुलिस में नौकरी हासिल करने के बाद शुरू किया अखाड़ा. कुश्ती के लड़कियों को सिखाती हैं गुर
ग्रेटर नोएडा. शहर में एक महिला पहलवानों का अखाड़ा भी चलता है। अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर हुंनर दिखा चुकी बबीता नागर इस अखाड़े को चलाती है। वह भी फ्री। अभी तक बबीता 100 से ज्यादा महिला व लड़कियों को कुश्ती के गुर सिखाकर दिल्ली और यूपी पुलिस में नौकरी दिला चुकी है।
सादुल्लापुर गांव निवासी बबीता नागर दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं। उन्होंने 1999 में कुश्ती शुरू की और कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल हासिल किया। स्पोटर्स कोटे से दिल्ली पुलिस में नौकरी पाई। बबीता ने अभी तक स्टेट, नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर 30 से ज्यादा कुश्ती खेली हैं।
उन्होंने गांव में अखाड़ा शुरू किया तो लोगों ने विरोध भी किया। लेकिन उनके माता पिता ने उन्हें सपोर्ट किया। अपने मजबूत इरादों के साथ कुश्ती के अखाड़े उतर गई।
सन 2001 में उन्होंने दिल्ली पुलिस ज्वाइंन करने के बाद उन्होंने लड़कियों को आगे बढ़ाने के लिए फ्री में ट्रेनिंग देनी शुरू की। यहीं वजह है कि लड़कियों के साथ—साथ गांव की बहू भी दहलीज कूदी और सरकारी नौकरियां हासिल की। पिछले कई सालों से अखाड़ा चला रही बबीता अभी तक करीब 100 से ज्यादा लड़कियों और महिलाओं को ट्रेनिंग देकर दिल्ली और यूपी पुलिस में नौकरी दिला चुकी है। बबीता नागर ने बताया कि उनका प्रयास आगे भी जारी रहेगा।