आर्इपीएल मैच के दौरान बिजली जाने पर शख्स ने उठा लिया था ये खौफनाक कदम
ग्रेटर नोएडा।ग्रेटर नोएडा के गांव धूम मानिकपुर बिजलीघर में ऑपरेटर सतबीर की हत्या के बाद परिजनों व विभागीय कर्मचारियों बिजली घर पर विरोध प्रदर्शन करते हुए 24 घंटे बिजली आपूर्ति ठप कर दी। इससे बिजली विभाग से जुड़े 40 से ज्यादा गांव वालों को अंधेरे में दिन आैर रात काटनी पड़ी। वहीं प्रदर्शन पर बैठे लोगों की मांग थी कि सतवीर के परिजनों को आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और विभागीय कर्मचारियों को सुरक्षा मिले। देर शाम को बिजली विभाग ने 10 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को संविदाकर्मी की नौकरी देने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने धरना समाप्त किया।
इसलिए कर दी बिजली विभाग में तैनात आॅपरेटर की हत्या
सतबीर की हत्या के बाद परिजनों व विभागीय कर्मचारियों धूम मानिकपुर बिजली घर पर विरोध प्रदर्शन करते हुए। अपनी मांगो को लेकर इन लोगो ने बिजली आपूर्ति को ठप कर दिया। प्रदर्शनकरियों का विरोध बिजलीघर में ऑपरेटर सतबीर की हत्या के बात फूटा है। बढ़पुरा के रहने वाले नीटू और उसके साथ कुछ युवक शुक्रवार की रात धूममानिकपुर बिजलीघर पहुंच गए और सप्लाई शुरू करने की मांग की। जब ऑपरेटर सतबीर ने आंधी बंद हो जाने के बाद सप्लाई शुरू करने को कहा तो नीटू भड़क गया। उसने आर्इपीएल मैच छूट जाने की बात कहते हुए आॅपरेटर पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। सतबीर के पेट में तीन गोली लगी। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने दादरी कस्बे और आसपास के गांवों की बिजली आपूर्ति ठप कर दी। सुबह के समय 15-20 मिनट के लिए आपूर्ति चालू की गई। इसके बाद शनिवार सुबह करीब आठ बजे सतवीर के परिवार वाले बिजली घर पहुंच गए। उन्होंने बिजलीघर के सप्लाई रूम में ताला डाल दिया और आपूर्ति बंद करा दी।
परिजन आैर विभागीय कर्मचारियों ने जड़ा ताला
इसके बाद परिजन और कर्मचारियों ने पूरी तरह बिजली सप्लाई बंद कर दी है। औद्योगिक समेत आसपास के बिजली सप्लाई 24 घंटे से अधिक समय तक बंद रही। इससे लोग परेशान हो गए। परिजनों की मांग थी कि हत्यारों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाए। परिजन रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग पर अड़े हुए थे। दिन में कई दौर की बात हुई, लेकिन बात नहीं बन पाई। देर शाम को बिजली विभाग ने 10 लाख रुपये और एक सदस्य को संविदा कर्मी की नौकरी का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर दिया।
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