जिम्स के डॉक्टर अब तक करीब 1500 मरीज देख चुके हैं। प्रदेश के 23 मेडिकल संस्थानों में चल रही ऑनलाइन सुविधा में जिम्स सबसे आगे।
ग्रेटर नोएडा। देश में कोरोना की दूसरी लहर (coronavirus) ने हर किसी को परेशान कर रखा है। लगातार वायरस के नए वेरिएंट और अस्पतालों (hospitals) में इलाज की कमी के चलते हर कोई काफी परेशानी झेल रहा था, एक तरफ जहां कोरोना के मरीजों (patients) का इलाज नहीं हो पा रहा था वही दूसरी तरफ जो लोग कोरोना के अलावा दूसरी बीमारियों से ग्रसित से उनको भी इलाज नहीं मिल पा रहा था। हालांकि सरकार ने लोगों की इस परेशानी का हल निकाला और नॉन कोविड मरीजों के लिए ऐसी शुरूआत की जिसके चलते वो घर रहते ही अपना इलाज करवा सकते थे।
बता दें कि प्रदेश में मरीजों को घर बैठे उपचार देने के लिए ऑनलाइन सेवा शुरू की गई। कोरोना काल में शुरू की गई ई-संजीवनी योजना में कई अस्पतालों को शामिल किया गया जिसमें वो वीडियो कॉलिंग के जरिए मरीज का इलाज घर बैठे करते हैं। ग्रेटर नोएडा स्थित जिम्स में ऑनलाइन मरीजों को देखने के मामले में यूपी में एक बार फिर से शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। कोरोना काल में शुरू की गई ई-संजीवनी योजना में राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) ने सबसे अधिक 1485 मरीजों का इलाज किया हैं। इस पोर्टल के जरिए मरीज वीडियो कॉलिंग के जरिये डॉक्टरों से बात करके अपनी परेशानी बताते हैं और परामर्श लेते हैं। यप्रदेश के 23 मेडिकल संस्थानों में यह सुविधा दी जा रही है जिसमें जिम्स आगे बना हुआ है। दरअसल कोरोना काल में नॉन कोविड मरीजों को डॉक्टरों को दिखाना एक चुनौती बन गया था, इस समस्या को हल करने के लिए ही सरकार ने ई-संजीवनी सेवा शुरू की। इस सुविधा के शुरू होने के बाद मरीजों को काफी राहत मिली है।
दूसरे नंबर पर आगरा
वहीं मेडिकल कॉलेज आगरा ने इस पोर्टल के जरिए 1044 मरीजों का इलाज किया है, जिसके चलते ये दूसरे नंबर पर बना हुआ है। शिशु अस्पताल नोएडा ने अब तक इस पोर्टल पर 883 मरीजों को देखा है। मेडिकल कॉलेज अकबरपुर ने 558, मेडिकल कॉलेज प्रयागराज ने 498, मेडिकल कॉलेज कन्नौज ने 359 व मेडिकल कॉलेज कानपुर ने 340 मरीजों का इलाज किया है। इसके अलावा भी कई अस्पताल ऐसे हैं जिनमें ये सुविधाएं दी जा रही हैं जिसमें मेडिकल कॉलेज शाहजहांपुर में 237, मेडिकल कॉलेज आजमगढ़ ने 205, मेडिकल कॉलेज मेरठ ने 204, मेडिकल कॉलेज बदायूं ने 186, मेडिकल कॉलेज अयोध्या ने 175, मेडिकल कॉलेज सहारनपुर ने 133, मेडिकल कॉलेज बांदा ने 114 और मेडिकल कॉलेज बस्ती ने 106 मरीजों का अब तक इलाज किया जा चुका है। इसके अलावा ईसंजीवनी पोर्टल से मेडिकल कॉलेज जालौन ने 83, मेडिकल कॉलेज बहराइच ने 80, मेडिकल कॉलेज झांसी ने 80, यूपीयूएमएस सैफई ने 77, बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने 40, एलपीएस इंस्टीट‘यूट ऑफ कोर्डियोलॉजी कानपुर ने 33, एएसएमसी फिरोजाबाद ने 26 और आरएमएलआईएमएस लखनऊ ने 3 मरीजों का इलाज किया है।